कोटा शहर की बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा एन्क्लेव में चोरी की नीयत से दाखिल हुए दो शातिर बदमाशों को स्थानीय निवासियों की सतर्कता ने सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। इस घटना ने उस वक्त सबको हैरान कर दिया, जब पकड़े गए आरोपियों में से एक पुलिस महकमे का बर्खास्त कांस्टेबल और दूसरा पुलिस लाइन की मैस में कार्यरत लांगरी निकला। वर्दी के रसूख और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इन लोगों की संलिप्तता ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, 21 और 22 जून की मध्यरात्रि को गुरुद्वारा एन्क्लेव स्थित एक निर्माणाधीन प्लॉट में दो युवक चोरी की मंशा से दाखिल हुए। इन लोगों ने वहाँ रखे लोहे के सरिये, मोटर और एसी की वायरिंग को चुराने का दुस्साहसिक प्रयास किया। इस दौरान जब वहां मौजूद चौकीदार के परिवार ने विरोध किया, तो आरोपियों ने चौकीदार की पत्नी के साथ मारपीट की। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग सतर्क हो गए और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर दोनों बदमाशों को घेर लिया।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची बोरखेड़ा थाना पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उस्मान अली और मनीष यादव के रूप में हुई है। उस्मान अली कोटा पुलिस लाइन की मैस में लांगरी के पद पर कार्यरत है, जबकि मनीष यादव राजस्थान पुलिस का पूर्व कांस्टेबल है, जिसे 18 फरवरी 2026 को अनुशासनहीनता के चलते सेवा से बर्खास्त किया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चोरी के प्रयास, मारपीट और शांति भंग करने की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी पहले भी ऐसी किसी अपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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