युवा संगम में चित्तौड़गढ़ की खुशनूद मंसूरी ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व
एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत बेगूं की बेटी का चयन, कर्नाटक दौरे पर राज्यपाल से की मुलाकात।

कर्नाटक के आईआईआईटी धारवाड़ में आयोजित युवा संगम कार्यक्रम के दौरान मंच पर सम्मान प्राप्त करतीं राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की प्रतिनिधि खुशनूद मंसूरी (दाएं)।
बेगूं/चित्तौड़गढ़। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ के छठे चरण में चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं की होनहार बेटी खुशनूद मंसूरी ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर द्वारा पूरे राज्य से चयनित 50 उत्कृष्ट प्रतिभागियों के विशेष प्रतिनिधिमंडल में खुशनूद मंसूरी पुत्री अनीस मंसूरी (एम.आर.) ने अपनी जगह पक्की कर इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को अपने नाम किया।
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत चयनित प्रतिनिधिमंडल ने 8 से 15 मई तक आयोजित आठ दिवसीय सघन शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अंतर्गत राजस्थान के इन युवा प्रतिनिधियों ने कर्नाटक स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), धारवाड़ का दौरा किया। इस यात्रा पर रवाना होने से पूर्व सभी चयनित युवाओं के लिए एमएनआईटी जयपुर में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहां उन्हें इस राष्ट्रीय विनिमय कार्यक्रम के मूल उद्देश्यों से अवगत कराया गया।
राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से संचालित युवा संगम कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य अंतरराज्यीय युवा आदान-प्रदान के माध्यम से देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है। अपनी इस आठ दिवसीय यात्रा के दौरान खुशनूद मंसूरी और अन्य प्रतिभागियों ने पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी एवं परस्पर संपर्क (पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट) जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील विषयों पर न केवल विस्तृत चर्चाएं कीं, बल्कि कर्नाटक के राज्यपाल से राजभवन में एक औपचारिक व अत्यंत गरिमामयी मुलाकात भी की।
इस बहुआयामी यात्रा के अंतिम चरण में सभी प्रतिभागियों ने ‘मेरी युवा संगम कहानी’ नामक विशेष निबंध श्रृंखला के माध्यम से अपने-अपने अनुभवों को लिपिबद्ध कर साझा किया। बेगूं जैसे ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले क्षेत्र से खुशनूद मंसूरी के इस उच्च स्तरीय राष्ट्रीय मंच पर चयन और सफल प्रतिनिधित्व को लेकर संपूर्ण चित्तौड़गढ़ जिले और बेगूं क्षेत्र के नागरिकों, परिजनों तथा प्रबुद्धजनों में भारी हर्ष की लहर है। इस ऐतिहासिक सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुदूर अंचलों की प्रतिभाएं यदि अवसर पाएं, तो राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ सकती हैं।

