प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। देशभर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटीज से लेकर आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर्स तक ऐसा तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें खेल प्रतिभाओं को हर स्तर पर आवश्यक सहयोग, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध हो सकें। प्रधानमंत्री गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में खेलों में उत्कृष्टता और यूथ पावर को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि 2036 के ओलंपिक के लिए आज से ही खिलाड़ियों को तैयार करना होगा, ताकि वे भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए क्वालिफाई करें और वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

उन्होंने कहा कि प्रतिभा की पहचान केवल बच्चे की रुचि के आधार पर नहीं, बल्कि यह देखकर भी होनी चाहिए कि वह किस खेल के लिए स्वाभाविक रूप से सबसे अधिक उपयुक्त है। प्रतिभा की पहचान से लेकर उसे विश्व मंच तक पहुंचाने तक सरकार सहयोग करेगी। प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज स्पोर्ट्स भारत में एक उत्कृष्ट करियर और प्रोफेशन के रूप में उभर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल मैदान पर जीतने का माध्यम होने के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतर प्रतिस्पर्धी भावना विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने दिव्यांग खिलाड़ियों की उपलब्धियों और उनके जज़्बे को प्रेरणादायी बताया। प्रधानमंत्री ने युवाओं से पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स को भी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कल्चर तभी विकसित होगी, जब स्कूलों में स्पोर्ट्स पीरियड को केवल को-करिकुलर एक्टिविटी न मानकर जीवन का हिस्सा माना जाए।

उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया संवाद’ केवल खेलों पर चर्चा का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवाद का ऐसा मंच है, जहां हर विचार देश के स्पोर्ट्स विजन को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की शक्ति से निकलने वाले नए विचार विकसित भारत के विजन को साकार करने की ताकत बनेंगे। प्रधानमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे खेल के मैदान के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत की यूथ पावर देश को खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है।

इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्पोर्ट्स अब राष्ट्रीय प्राथमिकता और यूथ एम्पावरमेंट का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण भारत के युवाओं को विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाने पर केंद्रित है। इस अवसर पर खेलों के विकास के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों के दौरान किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों को एक शॉर्ट फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

राष्ट्रीय खेल दिवस, जो प्रतिवर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है, के उपलक्ष्य में मेरा युवा भारत (माय भारत), युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से 27 अगस्त 2026 को ‘माय भारत – नेशनल स्पोर्ट्स डे 2026 युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत देशभर के कुछ चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों को कार्यक्रम की मेजबानी का अवसर दिया गया, जिसमें राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय भी शामिल रहा। देशभर में 1,600 से अधिक स्थानों पर 8 लाख से अधिक युवाओं ने इसमें सहभागिता की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में श्री भागीरथ चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं सांसद, अजमेर लोकसभा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आनंद भालेराव भी इस अवसर पर मौजूद रहे, जिनके नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और आने वाला समय भी युवाओं का है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने, निखारने और उचित अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें तथा आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के विकास और सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने कहा कि ‘खेलो इंडिया संवाद’ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का एक विजनरी कार्यक्रम है, जो भारत में खेलों के बदलते परिदृश्य और युवाओं की बढ़ती भूमिका को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से भी अधिक समय में भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अनेक पदक जीतकर देश का सम्मान बढ़ाया है।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय विजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का विजन ऐसी खेल प्रतिभाओं को तैयार करना है, जो आने वाले वर्षों में ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें।

कार्यक्रम में खेल जगत की युवा प्रतिभाओं ने भी सहभागिता की। श्री अर्जुन परमार, योगासन एथलीट, जिन्होंने वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप एवं एशियन योगासन चैंपियनशिप में दो बार स्वर्ण पदक प्राप्त कर देश एवं राजस्थान का गौरव बढ़ाया है, कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं श्री आतिश जाट सब-जूनियर नेशनल कबड्डी के कांस्य पदक विजेता हैं और उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा से क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

कार्यक्रम के दौरान यूथ आइकन विनीत बेनीवाल एवं स्पोर्ट्स आइकॉन्स के साथ मॉडरेटेड डिस्कशन भी आयोजित किया गया। इसमें पिछले दस वर्षों में देश में खेल अवसंरचना के विकास, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप खेल क्षेत्र में हुई प्रगति तथा 2036 ओलंपिक और आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मेरा युवा भारत (माय भारत), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार से जयेश मीना, जिला युवा अधिकारी, अजमेर भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ की शपथ ग्रहण की। युवाओं ने नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। युवाओं की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर ‘आइडिया बॉक्स’ की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। क्यूआर कोड के माध्यम से युवाओं ने खेल, युवा विकास एवं संबंधित विषयों पर अपने सुझाव एवं विचार सीधे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भेजे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंच संचालन यूथ आइकन परी कोठारी ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से “स्पोर्ट्स फॉर हेल्थ, स्पोर्ट्स फॉर वैल्यूज एंड स्पोर्ट्स फॉर नेशन-बिल्डिंग” के संदेश को जन भागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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