खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल से नई रेल क्रांति का आगाज़: अमृत भारत एक्सप्रेस का हुआ मेंटेनेंस
जयपुर के खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल में अमृत भारत एक्सप्रेस के पहले मेंटेनेंस के साथ ही रेल सुविधाओं के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। 205 करोड़ की लागत से बनी यह अत्याधुनिक परियोजना जयपुर के रेल यातायात में क्या बड़ा बदलाव लाएगी?

खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल में अमृत भारत एक्सप्रेस का प्राइमरी मेंटेनेंस कार्य संपन्न हुआ, जिससे जयपुर जंक्शन पर ट्रेनों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
जयपुर के रेल मानचित्र पर एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राजधानी के निकट स्थित खातीपुरा के नवनिर्मित मेगा कोचिंग टर्मिनल में आज 24 जून 2026 को ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब पहली बार जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस का प्राइमरी मेंटेनेंस कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह घटना केवल एक ट्रेन के रखरखाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जयपुर से रेल यातायात के विस्तार और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले एक बड़े मिशन की धुरी बन गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 21 जून 2026 को विधिवत उद्घाटन के पश्चात इस टर्मिनल का सक्रिय होना जयपुर जंक्शन पर बढ़ते परिचालन दबाव को कम करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
205 करोड़ रुपये की विशाल लागत से निर्मित यह मेगा कोचिंग टर्मिनल अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं का केंद्र है। खातीपुरा स्टेशन पर विकसित इस परिसर में वंदे भारत, डेमू, और एलएचबी रेक समेत सभी प्रकार की ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता समाहित है। टर्मिनल की आधारभूत संरचना में दो वॉशिंग लाइन, दो इंस्पेक्शन बे लाइन, भारी मरम्मत के लिए कवर्ड शेड, सात स्टेबलिंग लाइन और एक व्हील लेथ लाइन शामिल हैं, जो इसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाती हैं।
इस टर्मिनल की सबसे बड़ी विशेषता इसमें स्थापित अत्याधुनिक तकनीक है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर पहली बार यहाँ बोगी ड्राप पिट मशीन लगाई गई है, जिससे रेक मेंटेनेंस में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अतिरिक्त, रिट्रैक्टेबल ओएचई (Retractable OHE), फोर टियर एग्जामिनेशन सिस्टम, सिंक्रोनाइज्ड कोच लिफ्टिंग सिस्टम, आधुनिक क्रेन, ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट और बॉडी अंडर गियर स्कैनिंग सिस्टम जैसी मशीनों की उपलब्धता ने अनुरक्षण प्रक्रिया को विश्वस्तरीय बना दिया है।
यह सुविधा संपन्न टर्मिनल ट्रेनों के रख-रखाव को न केवल व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगा, बल्कि संरक्षा मानकों को भी सुदृढ़ करेगा। खातीपुरा में मेंटेनेंस सुविधाओं के विस्तार के साथ ही अब जयपुर से अधिक ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। समयबद्धता, बेहतर गुणवत्ता और सुरक्षित यात्रा के नए प्रतिमान स्थापित करने वाला यह मेगा कोचिंग टर्मिनल जयपुर के रेल तंत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जो यात्रियों के सफर को अधिक सुगम और सुखद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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