केरल टूरिज्म का राजस्थान में बी2बी अभियान, दिवाली-दशहरा पर खास पैकेज
घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए केरल टूरिज्म ने जयपुर में बी2बी मीट आयोजित कर विशेष ट्रैवल पैकेज और नए अभियानों की शुरुआत की।

जयपुर में आयोजित केरल टूरिज्म की बी2बी पार्टनरशिप मीट के दौरान केरल के पारंपरिक सांस्कृतिक कलाकारों और प्रतिनिधियों ने अपनी प्रस्तुति दी।
दशहरा और दीपावली की छुट्टियों के दौरान राजस्थान समेत देश के प्रमुख राज्यों से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए केरल टूरिज्म ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विविध पर्यटन अनुभवों, हरे-भरे प्राकृतिक नजारों, समुद्र तटों, शांत बैकवाटर, हिल स्टेशनों और जंगलों को केंद्र में रखकर राज्य में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्री-सीजन अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत पार्टनरशिप मीट, बी2बी रोड शो और प्रचार गतिविधियों के माध्यम से यात्रियों के लिए आकर्षक हॉलिडे पैकेज पेश किए जा रहे हैं।
जयपुर, 15 अक्टूबर। दशहरा और दीपावली की छुट्टियों के साथ घरेलू पर्यटन का प्रमुख सीजन शुरू होने वाला है। इसे देखते हुए केरल टूरिज्म ने उत्तरी राज्यों में ट्रैवल ट्रेड से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संपर्क बढ़ाने की पहल की है। अभियान का उद्देश्य केरल को प्रमुख अनुभव-आधारित पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना और पर्यटकों को उनकी पसंद के अनुरूप आकर्षक छुट्टी पैकेज उपलब्ध कराना है।
इस अभियान के तहत गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और राजस्थान में बी2बी पार्टनरशिप मीट आयोजित की गईं। राजस्थान में हुई बैठक में केरल के करीब 45 पर्यटन हितधारकों ने भाग लिया। उन्होंने स्थानीय ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधियों के साथ आकर्षक डील और हॉलिडे पैकेज साझा किए। इन पैकेजों में छह रात और सात दिन की यात्रा के दौरान केरल के अलग-अलग पर्यटन अनुभव शामिल हैं। पर्यटक इस दौरान खूबसूरत समुद्र तटों, शांत बैकवाटर, हिल स्टेशनों, जंगलों और राज्य की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।
केरल टूरिज्म के नए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अलग-अलग मौसमों के दौरान पर्यटकों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में घरेलू पर्यटकों के आगमन में वर्ष 2025 की पहली तिमाही की तुलना में 10.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन विभाग इसी रुझान को आगे बढ़ाते हुए सितंबर से नवंबर के दौरान घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।
पर्यटन मंत्री श्री पी. सी. विष्णुनाथ ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केरल को प्रमुख अनुभव-आधारित पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के हॉलिडे एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। उन्होंने यह बात राज्य सरकार की ओर से पर्यटन क्षेत्र को जल्द ‘उद्योग’ का दर्जा देने के फैसले के संदर्भ में कही। इससे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को अपने पैकेज नए तरीके से तैयार करने के अधिक अवसर मिलेंगे।
श्री विष्णुनाथ ने कहा, “इस अभियान का फोकस सितंबर से नवंबर के दौरान राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर है, जब दशहरा और दीपावली की छुट्टियां होती हैं। संस्कृति, विरासत और धार्मिक स्थलों से लेकर शांत समुद्र तटों, वन्यजीव अभयारण्यों और स्वादिष्ट खान-पान तक, केरल पर्यटकों को एक यादगार और अलग अनुभव देने का वादा करता है।”
इसी क्रम में केरल टूरिज्म ने 6 अक्टूबर 2026 को वायनाड के वैथिरी में ‘ब्रांड वायनाड’ पहल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, कृषि और विरासत से जुड़े आकर्षणों तथा सांस्कृतिक परंपराओं को भारत और विदेशों के पर्यटकों तक पहुंचाना है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन के नए ‘लाइफ एक्सपीरियंस ट्रेल्स’ और एक गाइडेड ट्रैवल प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में थिरुनेल्ली सर्किट, चेकाडी फार्म का दौरा और कॉफी एक्सपीरियंस शामिल हैं।
इस पहल के तहत वायनाड को सुरक्षित और टिकाऊ वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जिम्मेदार पर्यटन से जुड़े उपायों और होमस्टे के नवीनीकरण पर जोर दिया जाएगा। श्री विष्णुनाथ के अनुसार, वायनाड की कॉफी, मसाले, पारंपरिक चावल की किस्मों और शहद के साथ स्थानीय खान-पान, कृषि जीवन, जनजातीय विरासत और ग्रामीण अनुभवों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
जनजातीय विरासत के संरक्षण और प्रचार के लिए वायनाड स्थित ‘एन ऊरू’ हेरिटेज विलेज का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही एक ट्राइबल यूनिवर्सिटी और हेरिटेज नॉलेज जोन स्थापित करने की भी योजना है। इन प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
केरल टूरिज्म की ट्रैवल ट्रेड से जुड़ी गतिविधियों को आगे भी जारी रखा जाएगा। पिछले महीने अहमदाबाद और वडोदरा, इस महीने की शुरुआत में मुंबई और पुणे तथा इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित बी2बी मीट से मिली गति को आगे बढ़ाने के लिए नेटवर्किंग कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जाएगी। इसमें ट्रैवल ट्रेड मेलों में भाग लेना और बी2बी रोड शो आयोजित करना शामिल है, ताकि केरल के नए पर्यटन उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। प्रचार अभियान के लिए टीवी, सोशल मीडिया, प्रिंट और रेडियो जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
अहमदाबाद, वडोदरा, मुंबई, पुणे, दिल्ली और जयपुर के अलावा नवंबर महीने में सूरत और नागपुर में भी बी2बी मीट आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के जरिए स्थानीय ट्रैवल कारोबारियों के साथ साझेदारी मजबूत करने और केरल के पर्यटन पैकेजों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर जोर रहेगा।
यह अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब केरल को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी प्रमुख स्थान मिल रहा है। लंदन स्थित रफ गाइड्स की हालिया रिपोर्ट में केरल को वर्ष 2026 में घूमने के लिए दुनिया के शीर्ष 26 डेस्टिनेशन में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में ‘गॉड्स ओन कंट्री’ को इस साल के सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक बताया गया है।
प्रसिद्ध वैश्विक यात्रा गाइड ‘लोनली प्लैनेट’ ने अपनी ‘2026 के 25 सबसे बेहतरीन अनुभव’ रिपोर्ट में केरल की खान-पान संस्कृति को वर्ष 2026 में आनंद लेने योग्य शीर्ष 25 यात्रा अनुभवों में जगह दी है। इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाला केरल एकमात्र भारतीय राज्य है।
राजस्थान और केरल के बीच बेहतर रेल और हवाई कनेक्टिविटी भी इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण है। केरल के प्रमुख हवाई अड्डों कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझीकोड और कन्नूर से बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली के रास्ते कई वन-स्टॉप उड़ानें उपलब्ध हैं। इसके अलावा, दोनों क्षेत्रों के बीच सुविधाजनक रेल संपर्क भी मौजूद है। इन परिवहन विकल्पों से राजस्थान से आने वाले पर्यटकों, बिजनेस ट्रैवलर्स और अन्य यात्रियों के लिए केरल पहुंचना आसान होता है।
दशहरा-दिवाली के पर्यटन सीजन को ध्यान में रखकर शुरू की गई ये गतिविधियां केरल के विविध पर्यटन अनुभवों को राजस्थान समेत देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने पर केंद्रित हैं। बी2बी साझेदारियों, नए पर्यटन उत्पादों और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से राज्य घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने की तैयारी कर रहा है।

