वर्ष 2026-27 में रेलवे को अभी तक का सबसे अधिक रिकार्ड 2.78 लाख करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया गया है। राजस्थान के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में पहली बार 10 हजार करोड़ रूपए से अधिक 10228 करोड़ रूपए प्रदान किए गए है। राजस्थान में 56000 करोड़ रूपए से अधिक के कार्य प्रगति पर है।


उत्तर पश्चिम रेलवे पर 'कवच' का विस्तार

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार:

"संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर रेल मार्ग में लगभग 2600 करोड़ रूपए की लागत के साथ स्वदेशी टक्कर रोधी कवच प्रणाली का कार्य स्वीकृत है।"

उत्तर पश्चिम रेलवे पर 1586 किलोमीटर रेल मार्ग पर कवच की स्थापना के लिए कार्य प्रगति पर है जिसका 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 300 टावर निर्माण और 2660 किलोमीटर आप्टिकल फाइबर केबल डालने के कार्य प्रगति पर है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2026-27 में 250 किलोमीटर रेलमार्ग में कवच प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मण्डलों में कवच प्रणाली स्थापित हो जाने से रेलवे संरक्षा बेहतर व सुदृढ़ होगी। इस वर्ष के बजट में भी कवच के कार्य को अत्याधिक महत्त्व दिया गया है ताकि कवच प्रणाली स्थापित करने का कार्य सुगमता से हो सके।


क्या है कवच प्रणाली?

कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसे ट्रेन की गति की निगरानी और नियंत्रण करके दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रेलवे संरक्षा के लिए प्रतिबद्व है और संरक्षित रेल संचालन के लिए अत्याधुनिक प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।

कवच की जटिल उप-प्रणालियाँ:

  • आरएफआईडी टैगः ट्रैक की पूरी लंबाई में हर 1 किमी पर लगाए जाते हैं। हर सिग्नल पर भी टैग लगाए जाते हैं। ये आरएफआईडी टैग ट्रेनों की सटीक स्थिति बताते हैं।
  • दूरसंचार टावरः ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति सहित पूर्ण दूरसंचार टावर, ट्रैक की पूरी लंबाई में हर किलोमीटर पर लगाए जाते हैं। लोको पर स्थापित कवच प्रणालियाँ और स्टेशनों पर कवच नियंत्रक इन टावरों का उपयोग करके लगातार संचार करते रहते हैं।
  • लोको कवचः यह पटरियों पर लगे RFID टैग से जुड़कर दूरसंचार टावरों तक सूचना पहुँचाता है और स्टेशन कवच से रेडियो सूचना प्राप्त करता है। लोको कवच को इंजनों की ब्रेकिंग प्रणाली के साथ भी एकीकृत किया गया है। यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि आपातकालीन स्थिति में ब्रेक लगाए जाएँ।
  • स्टेशन कवचः प्रत्येक स्टेशन पर स्थापित यह लोको कवच और सिग्नलिंग प्रणाली से सूचना प्राप्त करता है और लोको कवच को सुरक्षित गति के लिए मार्गदर्शन करता है।
  • ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC): उच्च गति डेटा संचार के लिए पटरियों के साथ ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जाता है जो इन सभी प्रणालियों को जोड़ता है।
  • सिग्नलिंग प्रणालीः सिग्नलिंग प्रणाली को लोको कवच, स्टेशन कवच, दूरसंचार टावरों आदि के साथ एकीकृत किया जाता है।

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