कटोसण रोड–रणुज रेलखंड पर यात्री ट्रेनों की राह हुई आसान, बेचराजी में शुरू हुआ CRS संरक्षा निरीक्षण
कटोसण रोड–रणुज रेलखंड पर CRS निरीक्षण शुरू हो गया है। निरीक्षण पूरा होने के बाद यात्री रेल सेवा शुरू करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

तस्वीर में बेचराजी रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में जनप्रतिनिधि का स्वागत किया जा रहा है।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के अंतर्गत कटोसण रोड–रणुज रेलखंड पर यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रेलवे संरक्षा आयुक्त (CRS) ने तीन दिवसीय संरक्षा निरीक्षण शुरू कर दिया है। निरीक्षण के पहले दिन कटोसण रोड से बेचराजी तक लगभग 25 किलोमीटर लंबे रेलखंड का गहन निरीक्षण किया गया, जिससे इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना पर यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद बढ़ गई है।
निरीक्षण के दौरान बेचराजी स्टेशन पर महेसाणा के सांसद श्री हरि भाई पटेल, रेलवे संरक्षा आयुक्त (वेस्टर्न सर्कल) श्री ई. श्रीनिवास तथा अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री वेद प्रकाश का स्थानीय नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। क्षेत्र में लंबे समय से रेल सेवा शुरू किए जाने की मांग के बीच यह निरीक्षण अहम पड़ाव माना जा रहा है।
महेसाणा के सांसद श्री हरिभाई पटेल ने कहा कि बेचराजी और आसपास के क्षेत्रों के लोग लंबे समय से कटोसण, बेचराजी और चाणस्मा होकर रणुज तक जाने वाले सर्कुलर रूट पर रेल सेवा शुरू करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की इस मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष कई बार तथा समिति की बैठकों में भी यह विषय उठाया। इस मांग को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया, जिसके बाद जानकारी मिली कि रेलखंड का CRS निरीक्षण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विषय उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत आता है, इसलिए संबंधित अधिकारियों और रेल मंत्री से भी संपर्क किया गया। गुजरात के रेलवे नेटवर्क और मारुति के नेटवर्क को जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों के साथ मिलकर प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण पूरा होने के बाद बेचराजी से चाणस्मा और रणुज तक रेलवे की सभी जांच पूरी हो जाएगी तथा यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे दूर करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि परियोजना का कार्य पूरा किया जा सके।
मंडल रेल प्रबंधक श्री वेद प्रकाश ने बताया कि इस रेलखंड पर लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों द्वारा यात्री रेल सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि किसी भी नए रेलखंड पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करने से पहले रेलवे संरक्षा आयुक्त की स्वीकृति अनिवार्य होती है और इसी प्रक्रिया के तहत पश्चिम रेलवे के रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा इस रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लगभग 63 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड की गेज परिवर्तन परियोजना को वर्ष 2017 में स्वीकृति मिली थी। लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना जी-राइड (G-RIDE) संयुक्त उपक्रम के तहत विकसित की गई है, जिसमें भारतीय रेल, मारुति और गुजरात सरकार की भागीदारी है। इस रेलखंड पर कुल 14 स्टेशन विकसित किए गए हैं।
डीआरएम ने कहा कि यह परियोजना इंजीनियरिंग की दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण रही है। निरीक्षण के दौरान 10 प्रमुख कर्व, 20 बड़े पुल, लगभग 100 छोटे पुल तथा 47 लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर बनाए गए रोड अंडर ब्रिज (RUB) सहित विभिन्न संरचनाओं का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म की लंबाई, पेयजल व्यवस्था, यात्री सुविधाएं, ट्रैक, सिग्नलिंग और अन्य संरक्षा मानकों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में सुरक्षित और सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के पहले दिन कटोसण रोड से बेचराजी तक का निरीक्षण पूरा हुआ है। दूसरे दिन बेचराजी से चाणस्मा तथा तीसरे दिन चाणस्मा से रणुज तक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण पूरा होने के बाद रेलवे संरक्षा आयुक्त आवश्यक सुधार और कमियों के संबंध में सुझाव देंगे। सभी आवश्यक कार्य पूरे होने तथा संरक्षा स्वीकृति मिलने के बाद इस रेलखंड पर यात्री रेल सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। रेलवे का प्रयास है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर जल्द से जल्द यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।
इस रेलखंड के शुरू होने से महेसाणा और पाटण जिलों के प्रमुख केंद्र बेचराजी, खांभेल और चाणस्मा आपस में जुड़ जाएंगे। इससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को किफायती आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही विश्व प्रसिद्ध बेचराजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुगम होगी। यह रेल परियोजना क्षेत्र की कृषि, लघु उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।

Pratahkal Bureau
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