कटिहार रेलखण्ड पर दोहरीकरण कार्य के कारण कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मण्डल में नॉन-इन्टरलॉकिंग कार्य के कारण अजमेर-किशनगंज और कामाख्या-भगत की कोठी सहित कई ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मण्डल के अंतर्गत कटिहार-सौनेली एवं कटिहार-कुरेठा रेलखण्ड के मध्य रेल यातायात बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु दोहरीकरण का महत्वपूर्ण कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किया जा रहा है। इस विकास कार्य के तहत कटिहार, मनियां, कुरेठा और डंडखोरा स्टेशनों के मध्य नॉन इण्टरलॉकिंग ब्लॉक लिया जा रहा है, जिसके चलते इस रेलखण्ड से गुजरने वाली विभिन्न रेलसेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे की महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है तथा कुछ सेवाओं को रेगुलेट करने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक विवरण के अनुसार, गाड़ी संख्या 15716, अजमेर-किशनगंज एक्सप्रेस जो दिनांक 08.06.26, 09.06.26 व 11.06.26 को अजमेर से प्रस्थान करेगी, वह अपने निर्धारित मार्ग के स्थान पर परिवर्तित मार्ग ठाकुरगंज-पावाखाली होकर संचालित की जाएगी। मार्ग में आए इस बदलाव के कारण यह रेलसेवा लाभा, आजमनगर रोड, बरसोई व डालखोला स्टेशनों पर ठहराव नहीं करेगी, जबकि यात्रियों की सुविधा हेतु परिवर्तित मार्ग में पूर्णिया व ठाकुरगंज स्टेशनों पर विशेष ठहराव सुनिश्चित किया गया है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 15624, कामाख्या-भगत की कोठी एक्सप्रेस जो दिनांक 12.06.26 को कामाख्या से प्रस्थान करेगी, वह भी पावाखाली-ठाकुरगंज के परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। इस परिवर्तन के फलस्वरूप यह ट्रेन किशनगंज व सौनेली स्टेशनों पर नहीं रुकेगी और इसके स्थान पर पूर्णिया व ठाकुरगंज स्टेशनों पर रुकेगी।
मार्ग परिवर्तन के अतिरिक्त, कुछ रेलसेवाओं के समय में भी फेरबदल किया गया है। गाड़ी संख्या 19601, उदयपुर सिटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस जो दिनांक 13.06.26 को उदयपुर सिटी से प्रस्थान करेगी, वह पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे पर अपने मार्ग में 01 घंटा रेगुलेट रहेगी। रेलवे द्वारा उठाया गया यह कदम भविष्य में रेल संचालन को अधिक सुगम, सुरक्षित और तीव्र बनाने की दिशा में एक अनिवार्य प्रक्रिया है। हालांकि इस निर्माण कार्य से तात्कालिक रूप से यात्रियों को कुछ असुविधा हो सकती है, किंतु रेलखण्ड का दोहरीकरण पूर्ण होने के पश्चात इस क्षेत्र में रेल यातायात की क्षमता और गतिशीलता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

