गुवाहाटी/कोलकाता: भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ चुका है, जहां आधुनिकता और रफ्तार के संगम ने यात्रियों को इस कदर रोमांचित किया है कि टिकट खिड़की खुलते ही रिकॉर्ड टूट गए। कामाख्या और हावड़ा के बीच शुरू होने वाली देश की बहुप्रतीक्षित 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' ने अपनी पहली ही व्यावसायिक उड़ान से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के रेल गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। 17 जनवरी, 2026 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित की गई इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन के प्रति जनता का उत्साह इस कदर चरम पर था कि 19 जनवरी की सुबह जैसे ही टिकटों की बुकिंग शुरू हुई, देखते ही देखते पूरी ट्रेन 'सोल्ड आउट' हो गई।

ट्रेन संख्या 27576, कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर, की पहली व्यावसायिक यात्रा को लेकर यात्रियों के बीच मची इस होड़ ने साबित कर दिया है कि भारतीय रेल अब विश्वस्तरीय यात्रा के मानक स्थापित कर रही है। 19 जनवरी को सुबह ठीक 8:00 बजे जैसे ही पीआरएस (PRS) और विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल्स पर बुकिंग के द्वार खुले, यात्रियों ने पलक झपकते ही सभी श्रेणियों की सीटें बुक कर लीं। 24 घंटे से भी कम समय में टिकटों का पूरी तरह बिक जाना यात्रियों के उस अटूट विश्वास और उत्सुकता का प्रमाण है, जो वे माननीय प्रधानमंत्री के विजन और भारतीय रेलवे की नई तकनीकी प्रगति के प्रति रखते हैं।

यह प्रीमियम रेल सेवा 22 जनवरी, 2026 को कामाख्या से और 23 जनवरी, 2026 को हावड़ा से अपनी पहली नियमित यात्रा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यात्रियों की इस जबरदस्त प्रतिक्रिया का मुख्य कारण ट्रेन में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाएं, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और समय की बचत है। कामाख्या-हावड़ा मार्ग पर यह सेवा न केवल दो प्रमुख केंद्रों के बीच की दूरी को कम करेगी, बल्कि रात भर की यात्रा को एक आरामदायक और लग्जरी अनुभव में बदल देगी। पहली व्यावसायिक यात्रा के लिए मिली यह अभूतपूर्व सफलता इस क्षेत्र में प्रीमियम रेल कनेक्टिविटी के एक नए युग का सूत्रपात कर रही है, जो भविष्य में भारतीय रेलवे के विस्तार की दिशा और दशा दोनों तय करेगी।

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