जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जिसने ग्रामीण भारत के लिए नवाचार के नए द्वार खोल दिए हैं। महाराष्ट्र के सांगली जिले की कडेपुर ग्राम पंचायत को "राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026" से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार न केवल पंचायत के डिजिटल सशक्तिकरण की गवाही देता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर तकनीक के समावेश की अपार संभावनाओं को भी रेखांकित करता है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपरांत, ग्राम पंचायत कडेपुर के सरपंच श्री सतीश देशमुख के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से लोकभवन में भेंट की। इस भेंट के दौरान, राज्यपाल ने ग्राम पंचायत को मिली इस प्रतिष्ठित उपलब्धि पर अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की। राज्यपाल श्री बागडे ने इस सफलता को पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताते हुए कहा कि ग्रामीण नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कडेपुर पंचायत का कार्य सराहनीय है।

मुलाकात के दौरान सरपंच श्री सतीश देशमुख ने राज्यपाल को अवगत कराया कि किस प्रकार ग्राम पंचायत ने डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर ग्रामीण प्रशासन को तकनीक के धागे से पिरोया है। पंचायत द्वारा वर्तमान में 1,355 ऑनलाइन सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर गांव के निवासियों के जीवन को सुगम बना रही हैं। राज्यपाल ने इन प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में किए गए कार्यों को अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया।

यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस जमीनी बदलाव का प्रतीक है जहां सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सत्ता का विकेंद्रीकरण और सेवाओं का सरलीकरण संभव हुआ है। कडेपुर ग्राम पंचायत द्वारा स्थापित यह मॉडल यह प्रमाणित करता है कि यदि तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो दूरस्थ गांवों में भी सुशासन को एक नई ऊंचाई दी जा सकती है, जो भविष्य में अन्य पंचायतों के लिए एक सशक्त प्रेरणा का कार्य करेगा।

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