जोराराम कुमावत का एमवीयू कॉल सेंटर पर औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई और 60 पदों का आदेश
जयपुर के जामडोली स्थित एमवीयू कॉल सेंटर के औचक निरीक्षण में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पांच कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कॉलिंग एक्जक्यूटिव के पद 44 से बढ़ाकर 60 करने और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत करने सहित कई अहम फैसले लिए गए।

तस्वीर में बाएं से दाएं एक कर्मचारी, कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, दो अधिकारी और अन्य कर्मचारी जयपुर के जामडोली स्थित एमवीयू कॉल सेंटर में कार्यप्रणाली का निरीक्षण करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जयपुर, 22 जुलाई। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को जामडोली स्थित मोबाइल वेटनरी यूनिट (एमवीयू) के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश जारी किए। इस दौरान पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कुमावत ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान पांच कॉलिंग एक्जक्यूटिव अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। लापरवाही को गंभीर मानते हुए उन्होंने अनुपस्थित मिले पांचों कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पशुपालकों की शिकायतों और कॉल्स का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने कॉलिंग एक्जक्यूटिव के पदों की संख्या वर्तमान 44 से बढ़ाकर 60 करने के आदेश जारी किए। इस निर्णय का उद्देश्य कॉल वेटिंग का समय कम करना और अधिक से अधिक पशुपालकों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना है।
कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मंत्री श्री कुमावत ने नया मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों की कॉल सेंटर पर नियमित ड्यूटी लगाई जाएगी, जो प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर नजर रखेंगे।
मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से पशुओं के उपचार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी मंत्री ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि मोबाइल वेटनरी यूनिट के मौके पर पहुंचकर बीमार पशु का उपचार करने के बाद पशुपालक के रजिस्टर में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर करवाए जाएं। साथ ही प्रत्येक मोबाइल वेटनरी यूनिट पर एक परफॉर्मा अथवा रजिस्टर का संधारण करना आवश्यक होगा।
मंत्री श्री कुमावत ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश कोई कॉल पेंडिंग रह जाती है तो उसे अगले दिन की सूची में स्थानांतरित कर हर हाल में बीमार पशु का उपचार सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान दिए गए ये निर्देश पशुपालकों को समयबद्ध और प्रभावी पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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