पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के निर्देश: बजट घोषणाओं की शत-प्रतिशत पालना हो
मंत्री ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की समीक्षा की, लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों और बीमा कंपनियों को दी सख्त चेतावनी।

राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने स्पष्ट किया है कि पशुओं और पशुपालकों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुधवार को जयपुर में आयोजित पशुपालन विभाग की उच्च स्तरीय बजट समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में बजट में स्वीकृत हर योजना और कार्य को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि विभाग ऐसी कार्य योजना तैयार करे जिससे बजट का कोई भी कार्य अधूरा न रहे।
बैठक में वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री कुमावत ने 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने अवगत कराया कि अब तक 35 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण और 19 लाख से अधिक की बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है, साथ ही सात हजार दावों के निस्तारण स्वरूप 14 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इस पर मंत्री ने बीमा कंपनियों को फटकार लगाते हुए सर्वेयरों की संख्या बढ़ाने और जून माह तक लंबित पॉलिसियों का कार्य पूर्ण करने के सख्त आदेश दिए। मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (MVU) की सफलता पर चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दो वर्षों में 62 लाख से अधिक पशुओं का उपचार हुआ है और एक लाख से अधिक पशुपालकों ने चैटबॉट का लाभ लिया है। श्री कुमावत ने निर्देश दिए कि प्रदेश के हर गांव को एमवीयू से जोड़ा जाए और कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाई जाए।
पशु प्रजनन के क्षेत्र में 'सेक्स सॉर्टेड सीमन' कार्यक्रम की धीमी प्रगति और आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (AI) कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध वसूली की शिकायतों पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा' और 'सेक्स सॉर्टेड सीमन' को फ्लैगशिप कार्यक्रमों में शामिल करने की घोषणा की। संस्थानों के भवन निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि भूमि आवंटन का 80 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण हो चुका है। मंत्री ने आगामी वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं, जिला स्तरीय डिग्री-डिप्लोमा कॉलेजों, रिक्त पदों पर भर्ती और ब्लॉक स्तरीय प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी व्यापक रोडमैप तैयार करने को कहा।
अंत में, श्री कुमावत ने 16 मार्च से प्रारंभ हुए एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान को 16 मई तक समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य दिया, ताकि वर्ष 2030 तक राजस्थान को एफएमडी मुक्त बनाया जा सके। लंपी और कर्रा जैसी संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए उन्होंने विभाग को 'मिशन मोड' पर रहने और पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना के तहत दवाइयों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुपालकों की आजीविका सीधे तौर पर पशु स्वास्थ्य से जुड़ी है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले कर्मियों को दंडित किया जाएगा।

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