जोधपुर: पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव में गूंजा स्वदेशी का मंत्र, कृषि और डेयरी को बताया राष्ट्र की उन्नति का आधार
जोधपुर के पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026 में कृषि, पशुपालन और डेयरी पर केंद्रित विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मंत्री जोराराम कुमावत और गौतम कुमार दक ने स्वदेशी को स्थायी विकास का आधार बताते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया। इस लेख में जानें कैसे सहकारिता और डेयरी समितियां राजस्थान के आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

जोधपुर। मरुधरा की सांस्कृतिक और व्यापारिक राजधानी जोधपुर के ऐतिहासिक रावण चबूतरा मैदान में आयोजित 'पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026' अपनी पूरी भव्यता के साथ प्रगति की नई गाथा लिख रहा है। उत्सव के विशेष सत्र के दौरान गुरुवार को एक महत्वपूर्ण विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य केंद्र "राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि एवं उत्थान में कृषि, पशुपालन एवं डेयरी की भूमिका" रहा। इस संगोष्ठी ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि स्वदेशी के संकल्प को आधुनिक भारत के विकास की अनिवार्य शर्त के रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार दक और पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत की गरिमामय उपस्थिति ने चर्चा को नीतिगत गहराई प्रदान की।
मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने अपने संबोधन में स्वदेशी की भावना को राष्ट्र के आत्मसम्मान और स्थायी विकास से जोड़ते हुए कहा कि जब तक हम अपनी जड़ों और स्थानीय उत्पादों पर गर्व नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक आर्थिक स्वतंत्रता संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डेयरी और पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण जीवन की रीढ़ हैं, और इन्हें सशक्त बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आमजन का आह्वान किया कि वे स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर स्थानीय कारीगरों और किसानों के जीवन में प्रकाश लाने का काम करें। दूसरी ओर, सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने सहकारिता के मूल सिद्धांत 'एक सबके लिए और सब एक के लिए' पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डेयरी समितियां सामूहिक प्रगति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने समितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की बात कही ताकि अंतिम छोर पर खड़ा किसान स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सके।
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों और प्रबुद्धजनों ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में आने वाली चुनौतियों, जैसे उत्पादन लागत, प्रभावी विपणन और तकनीकी सुधारों पर विस्तार से मंथन किया। वक्ताओं ने एक स्वर में माना कि यदि किसानों की आय में वृद्धि करनी है, तो पशुपालन और डेयरी को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना अनिवार्य होगा। इस वैचारिक समागम में लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महावीर चोपड़ा, सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेंद्र थानवी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री अशोक बाहेती, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महेंद्र दवे, जिला महामंत्री श्री निर्मल कुमार पालीवाल, जिला कोषाध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल, सह सचिव श्री कमल भाटी और डेयरी प्रकोष्ठ प्रमुख श्री नरपत सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन न केवल हस्तशिल्प के प्रदर्शन का मंच बना, बल्कि इसने भविष्य के आत्मनिर्भर राजस्थान के लिए एक ठोस नीतिगत विजन भी प्रस्तुत किया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
