जोधपुर संभाग में इस वर्ष कम बारिश से किसानों और पशुपालकों के सामने खड़े संकट को लेकर पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने शनिवार को शासन सचिवालय में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) श्री अखिल अरोड़ा से बैठक की। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी, चारा डिपो खोलने और पेयजल के वैकल्पिक इंतजाम करने सहित तत्काल आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा हुई।

जयपुर, 26 सितंबर। कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बैठक में प्रदेश में इस वर्ष हुई कम बारिश के कारण जोधपुर संभाग में किसानों और पशुपालकों के सामने उत्पन्न स्थिति से एसीएस श्री अखिल अरोड़ा को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मानसून की बेरुखी और कम बारिश के चलते जोधपुर संभाग के कई जिलों में खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंचा है।

मंत्री ने विशेष रूप से पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बालोतरा और जोधपुर जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों को संकट से उबारने के लिए उन्होंने इन क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी करवाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।

फसलों के खराब होने से किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने के साथ मवेशियों के लिए चारे की भारी कमी भी पैदा हो गई है। श्री कुमावत ने एसीएस अखिल अरोड़ा को बताया कि प्रभावित जिलों में चारे की भारी कमी है। इससे निपटने के लिए उन्होंने प्रभावित जिलों में तुरंत चारा डिपो खुलवाने की आवश्यकता जताई, ताकि पशुपालकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आसानी से चारा उपलब्ध कराया जा सके और गोवंश व अन्य मवेशियों को बचाया जा सके।

कम बारिश का असर क्षेत्र के जलस्तर और पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। मंत्री ने प्रभावित इलाकों में आम जनता के साथ-साथ मवेशियों के लिए पेयजल संकट का समय रहते समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने एसीएस को इस संकट से अवगत कराते हुए प्रशासन के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल के पुख्ता और वैकल्पिक इंतजाम करने पर चर्चा की।

बैठक में किसानों के फसल नुकसान के आकलन से लेकर पशुपालकों के लिए चारे और आम जनता व मवेशियों के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया गया।

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