जोबनेर में 'रंगीलो' किसान मेले का शुभारंभ, गृह राज्य मंत्री ने किया उद्घाटन
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय आयोजन शुरू, पशुपालन तकनीकों, उन्नत नस्लों और नमो ड्रोन दीदी योजना पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार।

जोबनेर के श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 'रंगीलो' किसान मेले के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते अतिथि और उपस्थित जनसमूह।
जयपुर, 27 फरवरी। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आनंद (गुजरात) तथा एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज, दिल्ली व श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा दो दिवसीय ‘रंगीलों’ किसान मेला–किसानों के संग, ग्रामीण समृद्धि के रंग” का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले में पशुपालन, उद्यान विज्ञान, कृषि तकनीक, कृषि मशीनरी एवं नवाचारों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। कृषि मेले में राजस्थानी संस्कृति की झलक भी दिखाई दी, जिसने आयोजन को विशेष रंग प्रदान किया। किसान मेले में किसानों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और किसानों ने खेती-बाड़ी से संबंधित प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई।
उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि का संबोधन
मेले का उद्घाटन गृह राज्य मंत्री (गोपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य विभाग) जवाहर सिंह बेड़म ने किया। उन्होंने "आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों, उन्नत नस्लों, संतुलित पशु आहार एवं वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर आय बढ़ाने पर बल दिया" तथा मेले के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास और वर्ष 2026 के बजट में घोषित कृषि योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने "कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) के बढ़ते उपयोग तथा नमो ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाने की पहल" पर प्रकाश डाला।
डेयरी क्षेत्र में नवाचार और सहकारिता का महत्व
कार्यक्रम में डॉ. मीनेश शाह (चेयरमैन, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) ने डेयरी क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचारों की सराहना की तथा सहकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए "ऑपरेशन फ्लड की भूमिका बताई, जिसने देश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया"। राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (सरस) की श्रुति भारद्वाज ने सरस से संबंधित उत्पादों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज, दिल्ली के प्रबंधन निदेशक डॉ. सी.पी. देवानंद द्वारा किया गया।
पशु प्रदर्शनी एवं उन्नत नस्लों का प्रदर्शन
इस मेले में गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों से आए किसानों ने सक्रिय भागीदारी की। आयोजन के दौरान भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से विकसित उन्नत नस्लों का प्रदर्शन किया गया। विशेष रूप से गिर, राठी, साहीवाल, हरियाणा, कांकरेज, होल्सटीन फ्रीजियन एवं जर्सी नस्लों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। मेले में कुल 105 कृषि प्रदर्शनी लगाई गईं, जिनमें कृषि मशीनरी एवं पशुपालन से संबंधित विभिन्न यंत्रों की जानकारी दी गई। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा मेले के समापन अवसर पर 28 फरवरी को की जाएगी, जिसमें कुल 60 लाख रुपये तक के पुरस्कार किसानों और पशुपालकों को दिए जाएंगे।
संवाद सत्र और मेधावी छात्र सम्मान
मेले के दौरान किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक खुला संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने खेती और पशुपालन से जुड़े अपने प्रश्न रखे और वैज्ञानिकों ने सरल एवं व्यावहारिक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इसके अतिरिक्त 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों—कल्पना चौधरी, तनीषा कंवर, अभिषेक धाकड़, मनीष गुर्जर, कमलेश एवं भारती सैनी—को एनडीएस मेरिट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। लोकनृत्य, गीत-संगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों ने मेले को पूरी तरह उत्सव का रूप दे दिया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर एनडीडीबी की सहायक कंपनियों के प्रबंध निदेशक, दुग्ध संघों के अध्यक्ष, दुग्ध उत्पादक संघों के निदेशक मंडल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। निदेशक प्रसार डॉ. आर.एन. शर्मा ने बताया कि "यह मेला ज्ञान, नवाचार, संस्कृति एवं संवाद का सशक्त संगम बनकर ग्रामीण समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ"।

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