भगवान श्री झूलेलाल मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा: जयपुर में भव्य समारोह संपन्न
जयसिंहपुरा खोर में 351 महिलाओं की कलश यात्रा के बाद पूज्य संतों की उपस्थिति में भगवान झूलेलाल व सतगुरु स्वामी टेऊराम जी की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया।

जयपुर के जयसिंहपुरा खोर में आयोजित धार्मिक समारोह के दौरान भगवान श्री झूलेलाल और सतगुरु स्वामी टेऊराम जी की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा करते पूज्य संत श्री भगत प्रकाश जी महाराज, संत मोहनलाल जी महाराज एवं उपस्थित अतिथि।
जयपुर। राजधानी के जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और अद्वितीय धार्मिक उत्साह का एक अनुपम संगम देखने को मिला, जहां भगवान श्री झूलेलाल मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं अनावरण समारोह पूर्ण भव्यता के साथ संपन्न हो गया। इस अलौकिक धार्मिक उत्सव की शुरुआत आज प्रातः काल 351 महिलाओं द्वारा निकाली गई एक भव्य एवं विशाल कलश यात्रा से हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को भगवामय और भक्तिमय आभा से सराबोर कर दिया। इसके पश्चात आयोजित मुख्य आध्यात्मिक अनुष्ठान में भगवान श्री झूलेलाल एवं सतगुरु स्वामी टेऊराम जी की दिव्य प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा अत्यंत विधि-विधान के साथ की गई। इस पावन विधि को श्री अमरापुर स्थान के प्रेम प्रकाश मंडलाध्यक्ष परम पूज्य गुरुवर सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज एवं पूज्य संत श्री मोहनलाल जी महाराज (संत मोनूराम साईं जी) के पावन कर कमलों द्वारा संपन्न कराया गया। संतों के पावन सानिध्य में आयोजित इस समारोह के दौरान पूरा मंदिर परिसर गगनभेदी जयकारों, मधुर भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा, जिसमें उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर सुख, समृद्धि और लोक-कल्याण की मंगल कामना की।
इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में हवामहल क्षेत्र के विधायक स्वामी बालमुकुंदआचार्य महाराज उपस्थित रहे। उनके साथ ही समाज की प्रतिष्ठित विभूतियों में समाजसेवी तुलसी त्रिलोकानी, राजन सरदार, दीपक (दीपू काका) और कमलेश नानवानी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने और सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल पारवानी, संरक्षक देवीदास चेलानी, संरक्षक दीपक कुमार धामेजानी, सलाहकार दौलत त्रिलोकानी, कोषाध्यक्ष प्रेमचंद फूलवानी तथा महासचिव विजय हरलानी ने मुख्य भूमिका निभाई।
इसके साथ ही समारोह में समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग और समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से मनोज सेवानी, कशमीरा धनवानी, करन अलवानी, सुरेश सैनी, नन्दकिशोर सैनी, राजेश गुप्ता, राजेश शर्मा, लक्ष्मी नारायण सैनी, प्रकाश सैनी, ज्योति बागवानी, अशोक हरलानी, रजनी पांडेय, खेमचंद केलवानी, श्याम ज्ञानानी, वासुदेव लालवानी, राजू टेक चांदनी, सुशील टेकचांदनी, पुरुषोत्तम सोनी, नरेन्द्र शर्मा, रिया लोकवानी, सुनील कुमार, सुरेश पारीक, मनोज शिवानी, कैलाश प्रजापत, सुरेश लालवानी, ललित फूलवानी, कमल भंभानी, अनीता कुमारी (मीणा), शोभा तोलानी, लता आसदानी, लीना तीर्थनी, अंजना त्रिलोकानी, प्रीति हरलानी, पुरुषोत्तम गुलवानी, सुनीता विशनानी, रमेश सैनी, विनोद कुमार शंभू लानी, राधे श्याम सेन, पवन महाराज, ठाकुर राई, जगदीश जाग्रवाल, नारायणी, अमित पारीक, ओम प्रकाश सैनी, जैकी सेवानी, प्रकाश सबनानी, मनीष अग्रवाल, वर्षा साधना, मनोज हरपलानी, रवि कुमार, जयपाल सिंह, वीरू मखीजा, महादेव, दीपू, और मनीष परवानी शामिल थे।
समारोह के अंतिम चरण में आयोजकों ने पंडाल में उपस्थित समस्त श्रद्धालु जन का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सिंधी समाज सहित पूरे समाज में अटूट एकता, निस्वार्थ मानव सेवा और सुदृढ़ धार्मिक चेतना को और अधिक मजबूत करने का एक सशक्त संदेश प्रसारित किया। इस भव्य धार्मिक समागम का समापन परम पूज्य श्री गुरु महाराज जी के दिव्य और कल्याणकारी आशीर्वाद तथा सामूहिक रूप से की गई पारंपरिक पल्लव प्रार्थना के साथ हुआ, जिसने समस्त भक्तों के हृदयों को असीम शांति और आत्मिक संतोष से भर दिया।

