जयपुर, 23 सितंबर। मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ के तहत झालावाड़ पुलिस ने नशे की अवैध कमाई पर बड़ी आर्थिक कार्रवाई की है। पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर सुगनचंद तंवर और उसके परिवारजनों के नाम पर दर्ज उन चल-अचल संपत्तियों को चिन्हित किया, जिन्हें पुलिस के अनुसार मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित आय से खरीदा गया था। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई कार्रवाई में सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली ने इन संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने की कार्रवाई को विधिक रूप से अनुमोदित किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य 3 करोड़ 2 लाख 37 हजार 518 रुपये है। इनमें 3 मकान, कृषि भूमि और वाहन शामिल हैं। कार्रवाई के बाद संबंधित व्यक्ति इन संपत्तियों को अपने उपयोग में लेने अथवा उनका विक्रय करने में सक्षम नहीं होंगे।

एसपी अमित कुमार ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार-1’ के बाद जनवरी 2026 से ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थ तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उनकी कथित अवैध कमाई को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्प्रभावी करना है।

घाटोली थाना क्षेत्र निवासी मादक पदार्थ तस्कर सुगनचंद तंवर पुत्र रामलाल, निवासी कंवरपुरा, हाल कस्बा घाटोली की संपत्तियों का पुलिस अधीक्षक कार्यालय की एमओबी शाखा में गोपनीय रूप से डेटाबेस तैयार किया गया। इसके बाद यह जानकारी थाना घाटोली के थानाधिकारी के साथ साझा की गई। करीब तीन माह की जांच के दौरान सुगनचंद तंवर एवं उसके परिवारजनों के नाम पर मादक पदार्थ तस्करी से प्राप्त आय से खरीदी गई संपत्तियों का चिन्हीकरण किया गया। इनके संबंध में आवश्यक दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड भी जुटाए गए।

कार्रवाई के दौरान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुलिस का सहयोग किया। पुलिस द्वारा चिन्हित संपत्तियों का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान कराया गया। वहीं, सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से संपत्तियों के वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन कर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।

इन सभी दस्तावेजों और मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां से एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज करने की कार्रवाई को मंजूरी मिली।

पुलिस के अनुसार, तस्कर सुगनचंद तंवर के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में स्मैक बरामद की गई थी। प्रकरणों में करीब 1 लाख रुपये नकद तथा मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 15.80 लाख रुपये बताई गई है। तस्करी में प्रयुक्त एक दुपहिया वाहन भी जब्त किया गया था।

झालावाड़ पुलिस के अनुसार, धारा 68-एफ के तहत संपत्ति फ्रीज होने के बाद सुगनचंद तंवर और उसके परिवारजन संबंधित संपत्तियों का स्वतंत्र रूप से उपभोग या विक्रय नहीं कर सकेंगे। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नशे की तस्करी से अर्जित काली कमाई से बनाई गई संपत्ति को सुरक्षित रखना आसान नहीं होगा।

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