जयपुर, 24 फरवरी। राजस्थान में जल संरक्षण के कार्यों को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में एक नई गति प्राप्त हुई है। इसी क्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 की प्रगति के संबंध में आयोजित एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक को संबोधित किया। नई दिल्ली से जुड़े श्री पाटिल ने प्रदेश के सभी जिलों और शहरी स्थानीय निकायों को बारिश के पानी की पर्याप्त रिचार्ज कैपेसिटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी बचाने के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इसमें जन भागीदारी को हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने डूंगरपुर जिले में जन सहभागिता के माध्यम से नदी संरक्षण की अनुकरणीय पहल की सराहना भी की।

रामजल सेतु लिंक परियोजना और शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि "प्रधानमंत्री के हर गांव, हर खेत में वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने के संकल्प से प्रेरित होकर राज्य सरकार प्रदेश को जल संपन्न बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।" उन्होंने विश्वास जताया कि रामजल सेतु लिंक परियोजना राजस्थान के लिए वरदान साबित होगी। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि शेखावाटी क्षेत्र में यमुना का पानी लाने के लिए यमुना जल समझौते की डीपीआर का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। रामजल सेतु लिंक परियोजना राजस्थान के लिए वरदान साबित होगी और शेखावाटी क्षेत्र में यमुना का पानी लाने के लिए यमुना जल समझौते की डीपीआर का कार्य भी अंतिम चरण में है।

रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और समयबद्ध लक्ष्यों पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा किशनगढ़ एयरपोर्ट से वर्चुअली इस बैठक में शामिल हुए। उन्होंने जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 की सफलता के लिए शहरी निकायों, पंचायती राज संस्थाओं, सिविल सोसाइटीज और आम जनता की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिले रेनवॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स के निर्माण और उनके मरम्मत कार्यों को अपेक्षित गति प्रदान करें ताकि निर्धारित समय सीमा में लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास भविष्य के राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

जन-आंदोलन बना जल संचय अभियान और राजस्थान की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में जल संरक्षण के महत्वपूर्ण उद्देश्य के क्रम में प्रारंभ किया गया जल संचय जन भागीदारी अभियान एक जन-आंदोलन बन चुका है।" उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि अभियान के प्रथम चरण (1.0) में राजस्थान पूरे देश में तृतीय स्थान पर रहा है। विशेष रूप से बाड़मेर एवं भीलवाड़ा जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा सराहा और पुरस्कृत भी किया गया है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के द्वितीय चरण की शुरूआत गंगा दशहरा (25 मई) को शुरू करने जा रही है, जो 5 जून को पर्यावरण दिवस तक संचालित होगा।

पारम्परिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार और आगामी योजनाएं

पानी की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान से बेहतर इसे कोई नहीं समझ सकता। राज्य सरकार ने 'कर्मभूमि से मातृभूमि' और 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' जैसी पहलों के माध्यम से भूजल स्तर में सुधार और पारम्परिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। इन अभियानों से प्रदेशभर में व्यापक जनचेतना आई है। बैठक में डूंगरपुर और भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर्स ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अखिल अरोरा, नेशनल वाटर मिशन की मिशन डायरेक्टर अर्चना वर्मा सहित अन्य उच्चाधिकारी और जिला कलेक्टर्स भी वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।

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Pratahkal Bureau

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