जयपुर। गुलाबी नगरी के ग्रामीण और उपनगरीय अंचलों में स्वरोजगार और जनसेवा का एक नया द्वार खुलने जा रहा है। जयपुर जिला प्रशासन ने आमजन को राहत पहुंचाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जिला कलक्टर (रसद) डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में प्रशासन ने चौमूं और आमेर विधानसभा क्षेत्रों में कुल 16 नई उचित मूल्य दुकानों के आवंटन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस विज्ञप्ति के जारी होते ही उन युवाओं और सेवाभावी नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है जो सरकारी तंत्र का हिस्सा बनकर अपने क्षेत्र में राशन वितरण की कमान संभालना चाहते हैं। जिला कलक्टर डॉ. सोनी द्वारा जारी इस औपचारिक आदेश ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी इसे एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत चौमूं विधानसभा क्षेत्र के 10 प्रमुख स्थानों—हाड़ौता, कालाडेरा, आलीसर, मण्डा-भिण्डा, अन्नतपुरा, मोरीजा, कुशलपुरा, भोपावास, कुमावतों की ढाणी एवं हस्तेड़ा में नई दुकानें सृजित की गई हैं। वहीं दूसरी ओर, आमेर विधानसभा क्षेत्र के बुगालिया, भट्टों की गली, गोविन्दपुरा, राजावास, बिलपुर एवं कांट में भी 6 नई दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रखा गया है। इच्छुक अभ्यर्थी 27 फरवरी 2026 तक जिला रसद अधिकारी, जयपुर द्वितीय के कक्ष संख्या-46 से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए 100 रुपये का शुल्क नियत किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आधिकारिक कार्यालय से प्राप्त प्रपत्र ही मान्य होंगे; ई-मित्र या किसी अन्य निजी केंद्र से लिए गए फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

प्रशासन ने योग्यता के मापदंडों को लेकर भी कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आवेदक की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और शैक्षणिक रूप से उसका स्नातक होना अनिवार्य है। आधुनिक दौर की आवश्यकताओं को देखते हुए तीन माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण भी आवश्यक शर्त के रूप में जोड़ा गया है। हालांकि, प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि यदि स्नातक अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो 12वीं उत्तीर्ण युवाओं के नामों पर भी विचार किया जाएगा। स्थानीयता को प्राथमिकता देने के सिद्धांत पर चलते हुए शहरी क्षेत्र के लिए संबंधित वार्ड और ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य किया गया है। भरे हुए आवेदन पत्र 4 मार्च से 19 मार्च 2026 के बीच कक्ष संख्या-36 में जमा किए जा सकेंगे।

यह पूरी प्रक्रिया केवल दुकानों के आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की उपलब्धता को सुगम बनाने की एक वृहद रणनीति का हिस्सा है। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की इस पहल से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को अब लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से भी निजात मिलेगी। आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट पर भी विवरण उपलब्ध कराया गया है। जयपुर जिला प्रशासन का यह निर्णय क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो सीधे तौर पर आम आदमी की रसोई और उसके अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

Pratahkal Newsroom

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