जयपुर से चित्तौड़गढ़ तक आस्था और परंपरा के संगम का साक्षी बना रविवार, जब राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे चित्तौड़गढ़ स्थित विश्वविख्यात सांवलिया सेठ मंदिर पहुँचे। आध्यात्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच राज्यपाल ने श्री सांवलिया सेठ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि, शांति व खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे के मंदिर परिसर में आगमन पर धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप स्वागत किया गया। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने परंपरागत विधि से भगवान श्री सांवलिया सेठ के समक्ष नमन किया और राजस्थान की जनता के कल्याण, उन्नति और सुख-समृद्धि की कामना की। यह दर्शन कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप संपन्न हुआ।

सांवलिया सेठ मंदिर न केवल मेवाड़ अंचल बल्कि सम्पूर्ण राजस्थान में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। राज्यपाल की यह यात्रा प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाती है। राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन राजस्थान की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि इस अवसर का उद्देश्य आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ते हुए प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना करना था।

राज्यपाल द्वारा सांवलिया सेठ के दर्शन और प्रदेश की खुशहाली की कामना ने यह संदेश दिया कि शासन और आस्था के बीच समन्वय से सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा को बल मिलता है, जो राज्य के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

Pratahkal Bureau

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