जयपुर: बेजुबान पक्षियों की रक्षा के लिए युवा जागृति संगठन का बड़ा कदम, डीसीपी नॉर्थ ने किया जन चेतना पोस्टर का विमोचन
जयपुर में युवा जागृति संगठन द्वारा पक्षी संरक्षण हेतु आयोजित विशेष कार्यक्रम में डीसीपी नॉर्थ श्री करण शर्मा ने जन चेतना पोस्टर का विमोचन किया। कार्यक्रम में दौलत त्रिलोकानी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। डीसीपी ने सुबह और शाम के समय पतंग न उड़ाने और चाइनीज मांझे का त्याग कर पक्षियों की जान बचाने की अपील की है। बेजुबानों की रक्षा के लिए शहर की इस अनूठी पहल को विस्तार से पढ़ें।

जयपुर। गुलाबी नगरी की फिजाओं में उड़ते परिंदों के संरक्षण और उनके जीवन को सुरक्षित बनाने के संकल्प के साथ 'युवा जागृति संगठन' ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता दोहराई है। हर वर्ष की गौरवशाली परंपरा को जीवंत रखते हुए, इस वर्ष भी संगठन की ओर से पक्षी संरक्षण हेतु एक भव्य 'जन चेतना पोस्टर' का विमोचन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीसीपी नॉर्थ (एसपी) श्री करण शर्मा के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डीसीपी करण शर्मा ने न केवल पोस्टर का अनावरण किया, बल्कि समाज के प्रति एक संवेदनशील संदेश भी साझा किया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और प्रसिद्ध समाजसेवी दौलत त्रिलोकानी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि एक ही मंच पर पक्षी सुरक्षा के लिए एकजुट नजर आए। आयोजन में राजन सरदार, किशन पूजानी, अजय मूलचंदानी, गिरधारी कृष्णानी, कुंदनलाल पठानी, शशिकांत शर्मा, राजेश टहलानी, राजेश गुप्ता, करन अलवानी, प्रकाश ज्ञानानी, महेश खटवानी, अक्षय रजवानिया, श्याम कमलानी, जितेंद्र माहेश्वरी, खेमचंद केलवानी, राजेश गोपलानी, राजेश शर्मा, मुकेश मोतियानी, धर्मेंद्र त्रिलोकानी, प्रकाश समलानी, मुकेश टॉक, धर्मेंद्र पमनानी, दिनेश चौधरी, कमलेश मुलानी, मनोज जेसवानी, जेडी शर्मा, गोविंद शर्मा (रॉयल फिल्म), मदन नागर, दिनेश विजयवर्गीय, संतोष गुप्ता, अमित ज्ञानचंदानी, हरिमोहन शर्मा, पदमा हेमनानी, मंजू टहलानी और अंजना त्रिलोकानी सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आधिकारिक अपील जारी करते हुए डीसीपी नॉर्थ श्री करण शर्मा ने जनता से भावुक और अनुशासनात्मक आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पतंगबाजी के शौकीन लोग समय का विशेष ध्यान रखें और विशेष रूप से सुबह 6 से 8 बजे तथा शाम को 5 से 7 बजे के बीच पतंग न उड़ाएं, क्योंकि यही वह समय होता है जब पक्षी अपने घोंसलों से बाहर निकलते हैं या वापस लौटते हैं। इसके साथ ही उन्होंने घातक चाइनीज मांझे के इस्तेमाल को पूरी तरह वर्जित बताया। संगठन का यह प्रयास न केवल जन-जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा, बल्कि आने वाले दिनों में परिंदों के लिए एक सुरक्षित आकाश सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणा है कि विकास की इस दौड़ में हम उन बेजुबान जीवों को न भूलें जो हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा हैं।

