जयपुर विमेन फेस्टिवल: महिला स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा
आईजीपीआरएस और निजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महानिदेशक नीरज के. पवन ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव पर जोर दिया।

जयपुर में आयोजित 'जयपुर विमेन फेस्टिवल' के दौरान मंचासीन अतिथि स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए; इस अवसर पर आईजीपीआरएस महानिदेशक नीरज के. पवन सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
मदर्स डे के विशेष अवसर पर राजधानी जयपुर में महिलाओं की जागरूकता, संवाद और प्रेरणा के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान (आईजीपीआरएस) और एक निजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “जयपुर विमेन फेस्टिवल” के प्रथम चैप्टर का आगाज अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह ने न केवल महिलाओं को एक मंच प्रदान किया, बल्कि समाज के बदलते स्वरूप में उनकी निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नीरज के. पवन, महानिदेशक, आईजीपीआरएस ने दीप प्रज्वलन के साथ इस अभिनव पहल की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने घोषणा की कि जयपुर विमेन फेस्टिवल का यह पहला अध्याय महिलाओं के बहुआयामी विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के समस्त विभाग महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सक्रियता से कार्य कर रहे हैं और सरकार प्रत्येक स्तर पर उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूर्णतः समर्पित है।
उत्सव की मुख्य कड़ी के रूप में आयोजित विशेष पैनल डिस्कशन ने गंभीर विमर्श का माहौल तैयार किया। इसमें विशेषज्ञों ने महिला स्वास्थ्य एवं फाइनेंशियल एम्पावरमेंट (वित्तीय सशक्तिकरण) जैसे मूलभूत स्तंभों पर अपनी राय साझा की। चर्चा के दौरान महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, समुचित पोषण, मातृत्व की चुनौतियां, स्वास्थ्य जागरूकता, आर्थिक आत्मनिर्भरता, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन (Social Behaviour Change) जैसे दूरगामी प्रभाव वाले विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना और आर्थिक रूप से सुदृढ़ होना, दोनों ही समान रूप से अनिवार्य हैं। विशेषज्ञों ने आह्वान किया कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति निरंतर सजग रहने के साथ-साथ परिवार के वित्तीय निर्णयों में भी आत्मनिर्भर और मुखर बनने की आवश्यकता है। पूरे सत्र में महिलाओं की शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक सामाजिक सोच को बढ़ावा देने को ही भविष्य की वास्तविक शक्ति के रूप में पहचाना गया।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में श्रीमती टी. शुभमंगलम, अतिरिक्त मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), जयपुर, श्रीमती मंजिरी पंत, प्रतिनिधि यूनिसेफ और श्रीमती चन्द्रानी सेन, वाइस प्रिंसिपल महारानी कॉलेज सहित विभिन्न क्षेत्रों की गणमान्य हस्तियां और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहीं। 'जयपुर विमेन फेस्टिवल' का यह प्रथम अध्याय समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलने और उन्हें मुख्यधारा में सशक्त नेतृत्व प्रदान करने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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