गुलाबी नगरी की ऐतिहासिक आभा और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के प्रतिष्ठित दर्जे को अक्षुण्ण रखने की दिशा में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने एक निर्णायक पहल की है। मंगलवार को मुख्य सचिव ने जयपुर के प्राचीन परकोटा क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर विरासत स्थलों के संवर्धन, संरक्षण और सौंदर्यीकरण हेतु धरातल पर मिशन मोड में कार्य करने के कड़े निर्देश जारी किए। नगर निगम जयपुर (पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भवन, लालकोठी) के जनसम्पर्क प्रकोष्ठ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव ने विरासत के संरक्षण को सामूहिक उत्तरदायित्व बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

निरीक्षण की शुरुआत मुख्य सचिव ने नाटाणियों की हवेली से की, जहाँ उन्होंने वर्तमान में संचालित कोतवाली थाने का अवलोकन किया और वहां संधारित वर्षों पुराने ऐतिहासिक अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया। हवेली की जर्जर स्थिति को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसके अविलंब संरक्षण हेतु प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात वे खजाने वालों का रास्ता पहुंचे, जहां उन्होंने खजाने वालों की हवेली और जैमिनी बिल्डिंग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी लेते हुए इनके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने पर बल दिया। विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्य सचिव ने मणिहारों का रास्ता स्थित दिगम्बर जैन मंदिर, सांगों का रास्ता स्थित राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट और हेरिटेज वॉक-वे का भी पैदल दौरा किया। संकरी गलियों में भ्रमण के दौरान उन्होंने न केवल इमारतों की वर्तमान दशा को देखा, बल्कि जयपुर की जीवंत संस्कृति के प्रतीकों को बचाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता जताई।

इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान शासन सचिव श्री रवि जैन, संभागीय आयुक्त श्री वे. सरवण कुमार, आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, उपायुक्त (स्वास्थ्य) श्री मृणाल कुमार, अतिरिक्त आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार बंसल और एटीपी आकाश कुमावत सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। क्षेत्र भ्रमण के उपरांत मुख्य सचिव ने नगर निगम मुख्यालय के ई.सी. मीटिंग हॉल में जोन एवं मुख्यालय उपायुक्तों व कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में हेरिटेज सेल द्वारा प्रस्तुत पीपीटी के माध्यम से अब तक हुए कार्यों का मूल्यांकन किया गया। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि परकोटा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से फैली केबलों के जाल को तत्काल हटाया जाए, खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त किया जाए और फसाड लाइटिंग के माध्यम से शहर के सौंदर्य को निखारा जाए। उन्होंने 'स्पेशल एरिया हेरिटेज प्लान' को अतिशीघ्र तैयार करने तथा हेरिटेज सेल को अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए ताकि जयपुर का यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज टैग गौरव के साथ बरकरार रहे।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story