मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, जयपुर में 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्कूलों और कॉलेजों में क्लस्टर कैंप लगाने के दिए निर्देश, बीएलओ घर-घर जाकर भरवा रहे हैं फॉर्म-6।

जयपुर में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जयपुर में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्र नागरिकों के पास 31 अक्टूबर 2026 तक का मौका है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 18-19 आयु वर्ग के युवाओं सहित मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे अन्य पात्र नागरिकों को मताधिकार दिलाने के लिए 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान को गति देने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जयपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र नागरिकों के फॉर्म-6 भरवाकर उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार 18-19 आयु वर्ग के युवाओं और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूटे अन्य पात्र नागरिकों को मताधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन कार्यालय लगातार फॉर्म-6 भरवाकर नाम जोड़ने का काम कर रहा है।
उन्होंने सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों के उच्च माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में क्लस्टर कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। इन शिविरों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के पात्र 18-19 आयु वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं के फॉर्म-6 अनिवार्य रूप से भरवाए जाएंगे। इसके लिए ऑफलाइन प्रक्रिया के साथ ऑनलाइन माध्यम का भी उपयोग किया जाएगा। पात्र नागरिक https://voters.eci.gov.in/ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन फॉर्म-6 भर सकते हैं।
संदेश नायक ने सभी ईआरओ को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों के बीएलओ को घर-घर भेजकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के पात्र नागरिकों के ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन फॉर्म-6 भरवाना सुनिश्चित करें। इस अभियान के तहत नए मतदाताओं सहित नाम दर्ज कराने से छूटे अन्य पात्र नागरिकों को मताधिकार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया के जरिए देश की भावी पीढ़ी सहित अन्य पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार दिलाया जा सकेगा और भारत की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूती मिलेगी।

