राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जयपुर जिले में गत 25 मई से संचालित हो रहे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' ने सफलता के नए और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जिला कलक्टर संदेश नायक ने गुरूवार को आयोजित एक विशेष मीडिया संगोष्ठी में आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि गंगा दशमी के पावन पर्व से प्रारंभ होकर 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले इस 12 दिवसीय महाअभियान के अंतर्गत जयपुर जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक सक्रियता व उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस वृहद् अभियान के दौरान जिले की ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में कुल 40,000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन सफ़लतापूर्वक किया गया, जिसमें 27 लाख से अधिक सजग नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से अपनी भागीदारी दर्ज कराकर जल संरक्षण के इस सरकारी संकल्प को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है।

इस महाअभियान की महत्ता को रेखांकित करते हुए इसका ऐतिहासिक जिला स्तरीय शुभारंभ गत 25 मई को पवित्र गलता तीर्थ पर किया गया था। गंगा दशमी के शुभ अवसर पर गलता जी में भव्य गंगा आरती, विधिवत कलश पूजन और महिलाओं द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा निकाली गई। इस पावन अवसर पर उपस्थित अतिथियों और आमजन ने गलता तीर्थ के प्राचीन जल कुंड (टैंक) के जीर्णाेद्धार और संपूर्ण सफाई व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक श्रमदान किया। गलता जी से शुरू हुई इसी अनूठी तर्ज पर जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर क्षेत्रीय सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी मौजूदगी में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रमों का भव्य आयोजन कर इस अभियान को गति प्रदान की गई।

आगामी मानसून सत्र को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए इस पूरे अभियान का मुख्य फोकस पारंपरिक एवं आधुनिक जल स्रोतों की जल भराव क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित रहा। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बांधों, तालाबों, सरोवरों और अन्य महत्वपूर्ण जल संरक्षण इकाइयों की गाद निकालने (डीसिल्टिंग) का कार्य युद्ध स्तर पर किया गया। वहीं दूसरी ओर, शहरी क्षेत्रों में मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने और वर्षा जल के सुचारू प्रवाह को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख नालों, ड्रेनेज सिस्टम और वाटर स्ट्रक्चर्स की सघन सफाई का कार्य संपन्न किया गया।

ग्रामीण विकास को नई और सुदृढ़ गति देने के उद्देश्य से इस अभियान के अंतर्गत 'मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान' के तहत जयपुर जिले में 26 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत के कुल 935 नए जल संरक्षण कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति त्वरित रूप से जारी की गई है। इसके साथ ही, वंदे गंगा अभियान के अंतर्गत ही 4 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले 151 पुराने तथा प्रगतिरत कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

आगामी मानसून में व्यापक स्तर पर सघन वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित 'हरियालो राजस्थान' कार्यक्रम के तहत जयपुर जिले में रिकॉर्ड 20 लाख गड्ढे खोदकर पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं, जहां बारिश की पहली फुहार के साथ ही बड़े पैमाने पर पौधारोपण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसी क्रम में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा भी महात्मा गांधी नरेगा योजना के साथ कन्वर्जेंस (अभिसरण) स्थापित कर सड़कों के किनारे सघन पौधारोपण की मुकम्मल तैयारियां की जा रही हैं और इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां निरंतर जारी की जा रही हैं।

जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए गत 28 मई को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में माननीय प्रभारी मंत्री श्री जोगाराम पटेल जी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में राज्य के 25 प्रमुख औद्योगिक समूहों और अग्रिम पंक्ति के सीएसआर कॉरपोरेट लीडर्स ने भाग लिया, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप इस पुनीत कार्य हेतु निर्धारित सीएसआर अकाउंट में सहयोग राशि प्राप्त होने का सिलसिला भी आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है।

इस महाअभियान की सफलता के पीछे विभिन्न सरकारी विभागों का एक अनूठा और बेहतरीन समन्वय देखने को मिला है। महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जल संचय जन अभियान के अंतर्गत रिकॉर्ड 5000 नए कम लागत के सोखते गड्ढे बनाए गए, जबकि अन्य विभिन्न योजनाओं के समन्वय से इस चालू वर्ष में कुल 10,000 जल संरक्षण कार्य सफलतापूर्वक किए गए हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी जयपुर जिला पूरे देश में 45,000 जल संरचनाओं के निर्माण के साथ राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इसके अलावा 'कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान' के तहत प्रवासी भाई-बहनों के अमूल्य सहयोग और अनूठी प्रेरणा से अभियान की सीमित अवधि में रिकॉर्ड 273 नए रीचार्ज शाफ्ट्स का निर्माण किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण स्वच्छता को और अधिक सुदृढ़ करते हुए 656 नए सोख्ता गड्ढों का निर्माण कार्य पूरा किया गया। पशुधन प्रबंधन एवं जन-जागरूकता के तहत जिले के सभी ब्लॉकों में स्थानीय गौशालाओं की विशेष सफाई का एक बड़ा अभियान चलाया गया, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभात फेरियों, रैलियों और विचार संगोष्ठियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर जल चेतना जगाई गई।

भीषण गर्मी के इस दौर को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 'अमृत जल सेवा' के तहत सभी प्रमुख बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और कृषि उपज मंडियों में शीतल जल सेवा (प्याऊ) शिविर लगाए गए। कृषि विभाग द्वारा भी ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष 'किसान चौपालों' का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से कृषकों को कम पानी में अधिक व गुणवत्तापूर्ण पैदावार देने वाली आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) और स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिस्टम के प्रति व्यावहारिक रूप से जागरूक किया गया।

इस पूरे अभियान के दौरान जयपुर जिला प्रशासन ने भविष्य को सुरक्षित करने वाले दो बेहद महत्वपूर्ण, दूरगामी और अभिनव नवाचारों को धरातल पर लागू किया है। प्रथम नवाचार के तहत ग्राम पंचायत स्तर तक के सभी सरकारी भवनों और शासकीय परिसरों में वर्षा जल संग्रहण (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) हेतु रीचार्ज शाफ्ट का निर्माण पूर्णतः अनिवार्य रूप से किया जा रहा है। द्वितीय नवाचार के तहत शहर और कस्बों के ऐसे चिन्हित संवेदनशील क्षेत्र जहां उचित ड्रेनेज व्यवस्था न होने के कारण मानसून में भारी जलभराव की विकट समस्या उत्पन्न होती है, वहां भूजल को सीधे रीचार्ज करने के लिए विशेष अत्याधुनिक रीचार्ज शाफ्ट तकनीक स्थापित की जा रही है।

इस ऐतिहासिक अभियान के सफल समापन के शुभ अवसर पर 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस को जिला स्तर पर एक विशेष और भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में वंदे गंगा अभियान के दौरान उत्कृष्ट, उल्लेखनीय एवं अनुकरणीय योगदान देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), स्वयं सेवकों और समाज के विभिन्न अग्रणी वर्गों के प्रतिनिधियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 'जल गौरव सम्मान' से विधिवत नवाजा जाएगा। जिला कलक्टर संदेश नायक ने इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता का संपूर्ण श्रेय जयपुर की जागरूक जनता, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सभी संबंधित विभागों के समर्पित अधिकारियों व कार्मिकों को देते हुए उन सभी का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

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