जयपुर में त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए राजस्थान पुलिस अगले दो महीने की कार्ययोजना तैयार करेगी। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार, 10 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण करने, जाम की समस्या दूर करने और यातायात सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था में सुधार का असर सड़कों पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, यातायात डायवर्जन को प्रभावी बनाने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण को मजबूत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन का मौके पर निरीक्षण कर व्यावहारिक समाधान तलाशने तथा अगले दो महीने की कार्ययोजना की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अधिकारियों के काम का आकलन क्षेत्र में किए गए प्रयासों और उनसे मिले परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए। यातायात व्यवस्था में सुधार का प्रत्यक्ष लाभ आमजन को मिलना जरूरी है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद उपलब्ध पुलिस बल, वाहनों और उपकरणों का बेहतर उपयोग कर यातायात को सुगम बनाने पर जोर दिया।

डीजीपी ने यातायात डायवर्जन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डायवर्जन तय करते समय मौके की स्थिति, यातायात का दबाव और वैकल्पिक मार्गों को ध्यान में रखा जाए। एक मार्ग पर यातायात नियंत्रित करने के प्रयास में दूसरे मार्ग पर जाम नहीं लगना चाहिए। प्रमुख चौराहों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और व्यस्त मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के साथ नियमित निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों पर सड़क चिह्नों, संकेतक बोर्ड, सुरक्षित पैदल पार पथ और फ्री-लेफ्ट की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया। यातायात बाधित करने वाले अस्थायी अतिक्रमणों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आईटीएमएस, कैमरा आधारित चालान और एएनपीआर तकनीक का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-रिक्शा संचालन को नियमित करने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और बसों के संचालन को व्यवस्थित बनाने पर भी चर्चा हुई। त्योहारों के दौरान बाजारों और पर्यटन स्थलों पर वाहनों की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया।

बैठक में पुलिस महानिदेशक यातायात मालिनी अग्रवाल, एडीजी यातायात बी.एल. मीणा, जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, डीआईजी विकास शर्मा सहित डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी, एसीपी और यातायात व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

डीजी यातायात मालिनी अग्रवाल ने प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव का नियमित आकलन करने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई करने पर जोर दिया। त्योहारों और पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाने वाली दो महीने की कार्ययोजना में यातायात नियंत्रण, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग और नियमों के पालन से जुड़े उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना पुलिस के लिए प्रमुख प्राथमिकता रहेगी।

Next Story