जयपुर। गुलाबी नगरी की ऐतिहासिक गलियां एक बार फिर समकालीन कला के वैश्विक रंगों में सराबोर होने के लिए तैयार हैं। भारत के सबसे बड़े समकालीन कला महोत्सवों में शुमार 'जयपुर आर्ट वीक' अपने पांचवें संस्करण के साथ आगामी 27 जनवरी से 3 फ़रवरी 2026 तक आयोजित होने जा रहा है। महोत्सव के आयोजन की तैयारियों ने उस वक्त और गति पकड़ ली, जब आयोजकों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की दूसरी बहुप्रतीक्षित सूची की आधिकारिक घोषणा की। इस सात दिवसीय कला उत्सव में इस बार 100 से अधिक कलाकारों का जमावड़ा लगेगा, जिसमें कान्स और सनडांस जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी धाक जमा चुके दिग्गज कलाकार जयपुर के विभिन्न स्थलों पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

महोत्सव का यह संस्करण कला के विविध आयामों को एक मंच पर लाने का वादा करता है। सोलो आर्टिस्ट श्रेणी में इस बार नवाचार और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। कांची चोपड़ा जहां 'कोहिनूरी' उपक्रम के माध्यम से कृषि अपशिष्ट को टिकाऊ कला में बदलने का संदेश देंगी, वहीं माया कुमारी सुथार राजस्थान की ग्रामीण स्मृतियों को आधुनिक स्पैशियल डिज़ाइन से जोड़कर प्रस्तुत करेंगी। मोहद. इंतियाज़ अपसाइकल्ड वस्त्रों के जरिए विस्थापन और सत्ता के गहरे सवालों को उठाएंगे, तो वहीं लंदन और सिडनी में अपने इन्फ्लेटेबल स्कल्प्चर्स के लिए मशहूर माइकल शॉ अपनी विशालकाय कलाकृतियों से जयपुर को मंत्रमुग्ध करेंगे। 'होसमोलोज़ी' फेम नताशा गालेसिच का सामुदायिक कला हस्तक्षेप और नव्या साह की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिल्में इस आयोजन को वैश्विक गहराई प्रदान करेंगी। इसी क्रम में श्रेया अग्रवाल की इमर्सिव मूवमेंट परफ़ॉर्मेंसेज़, पास्कल उंगरर की पुरस्कार विजेता कलाकृतियां, पूजन गुप्ता के फार्मास्यूटिकल वेस्ट से बने समकालीन शिल्प और टीएएफ अवार्ड फाइनलिस्ट ज़ोया चौधरी की कृतियां कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। वहीं, पिंक सिटी स्टूडियो के रियाज़ उद्दीन 700 साल पुरानी मिनिएचर परंपरा को आधुनिक वैश्विक संदर्भों में जीवंत करेंगे।

सामूहिक और डिजिटल कला के क्षेत्र में भी इस बार जयपुर नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। ग्रुप आर्टिस्ट श्रेणी में रिदम कुमार का यांत्रिक स्कल्पचर, रिया भगत का स्पेक्युलेटिव डिज़ाइन और रोशन व रोहन अन्वेकर की जुड़वां प्रतिभा का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंचों की याद दिलाएगा। सुमित नाइक की हाइपररियल चारकोल ड्राइंग्स, सुभाष डेका का ध्यानात्मक शिल्प, यश चौधरी का जयपुर के शहरी बदलाव पर एब्स्ट्रैक्शन और यशिका गोयल का वीएंडए म्यूज़ियम में प्रदर्शित एआई प्रोजेक्ट कला की बदलती परिभाषा को बयां करेंगे। डिजिटल श्रेणी में क्रांति लाते हुए 'आयही' के न्यू-मीडिया वातावरण और अलाप पारिख की कान्स-प्रशंसित कृतियां तकनीकी भव्यता को पेश करेंगी। अंतरिक्ष स्टूडियो, अभिनव मिश्रा और अनिरुद्ध कनिसेट्टी का मिक्स्ड-रियलिटी सहयोग भारत की विरासत को भविष्य से जोड़ेगा, जबकि भरगव पधियार व वगराम चौधरी की जोड़ी सामुदायिक इतिहास को डिजिटल तकनीक से सजाएगी। करसोरमा का जनरेटिव वीडियो आर्ट, 'एल्सवेयर इन इंडिया' का एआई गेम इंजन प्रोजेक्ट और त्रिशा छाबड़ा का जलवायु चेतना पर आधारित एआर-वीआर कार्य यह स्पष्ट करता है कि जयपुर आर्ट वीक 5.0 केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य की कला का एक सशक्त दस्तावेज बनने जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

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