जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की धड़कनें आगामी 30 जनवरी को सुबह ठीक 11 बजे दो मिनट के लिए थम जाएंगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि यानी शहीद दिवस के अवसर पर पूरा जिला मौन धारण कर उन वीर बलिदानियों को नमन करेगा, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। जिला प्रशासन ने इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है और शहर के आसमान में गूंजने वाले सायरनों की आवाज इस मौन अनुशासन का शंखनाद करेगी।

शहीद दिवस के इस पावन अवसर पर जयपुर कलेक्ट्रेट सहित जिले के 13 प्रमुख स्थानों पर सायरन प्रणाली को सक्रिय किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन 28 और 29 जनवरी को सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर सायरन बजाकर ट्रायल रन करेगा, ताकि मुख्य आयोजन के दिन किसी भी तकनीकी बाधा की गुंजाइश न रहे। 30 जनवरी की सुबह जैसे ही घड़ी की सुइयां 10 बजकर 59 मिनट और 15 सेकंड पर पहुंचेंगी, पहला सायरन बजेगा जो जनता के लिए मौन शुरू करने का संकेत होगा। इसके पश्चात, 11 बजकर 02 मिनट पर दूसरा सायरन बजते ही इस दो मिनट के सामूहिक मौन का समापन होगा।

प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने स्वयं इसकी कमान संभाली है। डॉ. सोनी ने संबंधित विभागों के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि मौन संकेत का प्रसारण निर्बाध रूप से हो सके। यह आयोजन केवल एक रस्म भर नहीं है, बल्कि आधुनिक पीढ़ी को उन गुमनाम नायकों और बापू के अहिंसात्मक संघर्ष की याद दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। जयपुर की सड़कों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थलों पर जब एक साथ सन्नाटा पसरेगा, तो वह सन्नाटा देश के गौरवशाली इतिहास और भविष्य के संकल्पों की गूंज बनेगा।

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