जयपुर: किसानों की खुशहाली के लिए सरकार का बड़ा संकल्प, लंबित दावों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के सख्त तेवर
जयपुर के पंत कृषि भवन में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने किसान संगठनों के साथ महत्वपूर्ण संवाद कर लंबित फसल बीमा क्लेम पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज वितरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। डॉ. किरोड़ी लाल, श्रीमती मंजू राजपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस निर्णय से प्रदेश के अन्नदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

जयपुर। प्रदेश के अन्नदाता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है। मंगलवार को जयपुर के पंत कृषि भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय संवाद बैठक में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने प्रदेश के विभिन्न किसान संघों और संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस बैठक ने न केवल सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसानों के हक में किसी भी प्रकार की कोताही या अनियमितता को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संवाद की शुरुआत करते हुए कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषक आदान-अनुदान, नवीन बीज विधेयक और पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु किसानों को मिलने वाली बीमा राशि और अनुदान में हो रही देरी रहा। डॉ. किरोड़ी लाल ने किसान संगठनों द्वारा बीमा कंपनियों के खिलाफ दी गई शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोषी बीमा कंपनियों से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा जाए और वर्षों से लंबित पड़े क्लेम प्रकरणों का निस्तारण युद्ध स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश का किसान अपनी मेहनत की कमाई और हक के लिए भटकने को मजबूर नहीं होगा।
खेती-किसानी की जमीनी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए किसानों ने जंगली सूअरों और निराश्रित पशुओं द्वारा फसलों को होने वाले भारी नुकसान का मुद्दा उठाया। इस पर राहत देते हुए कृषि मंत्री ने साझा किया कि राज्य सरकार ने इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु केंद्र सरकार को विशेष प्रस्ताव भेजा है। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि तारबंदी योजना के नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया गतिमान है ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि फसल खराबे का सर्वे समय सीमा के भीतर पूरा कर सहायता राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जाए।
बीज और खाद की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार ने अपनी मंशा साफ कर दी है। डॉ. किरोड़ी लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर कोने में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और खाद का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित हो। यदि वितरण प्रणाली में कहीं भी लापरवाही या धांधली की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में उपस्थित किसान प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और भविष्य की अपेक्षाओं को विस्तार से रखा, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस महत्वपूर्ण विमर्श के दौरान प्रशासनिक अमले की भी सक्रिय भागीदारी रही। बैठक में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल, कृषि आयुक्त सुश्री चिन्मयी गोपाल और उद्यानिकी आयुक्त श्रीमती शुभम चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इनके साथ ही आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया। यह संवाद कार्यक्रम महज एक औपचारिक बैठक न रहकर किसानों और सरकार के बीच विश्वास बहाली का एक मजबूत सेतु बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में राजस्थान के कृषि परिदृश्य में बड़े सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।

Pratahkal Bureau
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