जयपुर। राजधानी के सांगानेर स्थित सुबोध पब्लिक स्कूल (एयरपोर्ट) के परिसर में शुक्रवार, 22 जनवरी 2026 का दिन सामान्य दिनों से भिन्न और बेहद प्रेरणादायक रहा। जब समूचा विद्यालय परिवार शिक्षा के साथ-साथ 'जीवन दान' की कला सीखने के लिए एकजुट हुआ। अवसर था केशर महावीर सेवा ट्रस्ट (सी स्कीम, जयपुर) के तत्वावधान में संचालित जैन सीपीआर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित एक विशेष जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का, जिसने विद्यार्थियों और स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों में 'देवदूत' बनने का मार्ग दिखाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. वी. के. जैन (डायरेक्टर, केशर महावीर सेवा ट्रस्ट) के मार्गदर्शन में हुआ, जिनकी दूरगामी सोच ने इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को मूर्त रूप दिया है। इस गहन प्रशिक्षण सत्र में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित मिस गुंजन पारीक और श्री महावीर प्रसाद जी ने अपनी विशेषज्ञता से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने न केवल कार्डियो पल्मोनरी रेससिटेशन (सीपीआर) तकनीक की बारीकियों को साझा किया, बल्कि हृदय गति रुकने की स्थिति में समय की महत्ता और तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।

प्रशिक्षण सत्र केवल सैद्धांतिक बातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे व्यावहारिक गहराई देने के लिए जीवंत प्रदर्शन (प्रैक्टिकल डेमो) आयोजित किए गए। मिस गुंजन पारीक और श्री महावीर प्रसाद जी की देखरेख में विद्यार्थियों और शिक्षण स्टाफ ने स्वयं डमी पर सीपीआर तकनीक का अभ्यास किया। चेस्ट कंप्रेशन की सही गति और गहराई से लेकर कृत्रिम श्वसन देने की प्रक्रिया तक, हर बारीक पहलू को बड़ी गंभीरता से सिखाया गया। इस दौरान वातावरण में एक नई ऊर्जा देखी गई, जहाँ विद्यार्थी इस बात को लेकर उत्साहित थे कि वे अब किसी भी आकस्मिक चिकित्सा संकट के दौरान मूकदर्शक बनने के बजाय सक्रिय रूप से जीवन बचाने में सक्षम होंगे।

इस आयोजन की सफलता और उसकी प्रासंगिकता पर बात करते हुए विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती शालिनी कपूर ने इसे समय की मांग बताया। उन्होंने जैन सीपीआर ट्रेनिंग सेंटर से आए सभी विशेषज्ञों का विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। श्रीमती कपूर ने कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारी न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्व को भी पुख्ता करती है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के लोक-कल्याणकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।

ट्रेनिंग के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने यह अनुभव किया कि तकनीक और सतर्कता का सही मेल किसी भी अनहोनी को टाल सकता है। यह आयोजन जयपुर के शैक्षणिक जगत में एक मिसाल के रूप में उभरा है, जो यह संदेश देता है कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए स्वयं को तैयार करना भी है।

Pratahkal Bureau

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