राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर प्रतियोगी परीक्षा-2025 के आगाज के साथ ही गुलाबी नगरी में चुनावी उत्साह जैसी गहमागहमी नजर आई। परीक्षा के प्रथम दिन रविवार को जयपुर जिले के 199 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 55 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने सम्मिलित होकर अपने सुनहरे भविष्य की दावेदारी पेश की। जिला कलक्टर श्री संदेश नायक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया, जिससे संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और पूरी तरह पारदर्शी वातावरण में संपन्न हुई।

अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 74 हजार 855 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा की सांख्यिकीय रिपोर्ट पर नजर डालें तो प्रथम पारी के दौरान 41 हजार 915 अभ्यर्थी परीक्षा कक्षों में उपस्थित रहे, जबकि 32 हजार 940 अभ्यर्थियों ने परीक्षा से दूरी बनाई। द्वितीय प्रश्न पत्र की बारी आते ही उपस्थिति का आंकड़ा 41 हजार 543 दर्ज किया गया, वहीं 33 हजार 312 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। इस प्रकार दोनों पारियों का औसत उपस्थिति प्रतिशत 55 से ऊपर रहा। आगामी रणनीति के तहत परीक्षा के दूसरे दिन के लिए जयपुर के उन्हीं 199 केन्द्रों पर कुल 74 हजार 861 अभ्यर्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया गया है।

प्रशासनिक मुस्तैदी का परिचय देते हुए जिला कलक्टर संदेश नायक ने केंद्रों के औचक निरीक्षण के दौरान परीक्षा कक्षों, नियंत्रण कक्षों और सुरक्षा घेरे का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त लहजे में निर्देशित किया कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं होगा और किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही अक्षम्य होगी। कलक्टर नायक ने इस दौरान अभ्यर्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश प्रदान किए।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ क्षेत्र में धारा 144 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया गया। अभ्यर्थियों को सघन तलाशी के त्रि-स्तरीय सुरक्षा चक्र से गुजरना पड़ा, जिसमें मेटल डिटेक्टर, हैंड स्कैनर और मैन्युअल चेकिंग शामिल थी ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री का प्रवेश पूरी तरह रोका जा सके। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लागू किए गए विशेष ट्रैफिक प्लान ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यर्थी बिना किसी बाधा के समय पर अपने गंतव्य तक पहुँच सकें। अंततः, राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप इस आयोजन ने पारदर्शिता और सुगमता के नए मानक स्थापित किए हैं।

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