मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दी जयपुर को सिग्नल-फ्री सिटी बनाने की मंजूरी
मुख्य सचिव ने टाउनशिप पॉलिसी और टीओडी नीति-2025 की समीक्षा कर निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और इम्पैक्ट असेसमेंट अनिवार्य करने के निर्देश दिए।

जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को शहरी विकास और यातायात प्रबंधन संबंधी निर्देश देते मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास।
जयपुर, 30 जनवरी। विभागीय समन्वय, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए आने वाले समय की जरूरतों, दूरगामी सोच एवं रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रभावी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।
शहरीकरण और कार्ययोजनाओं की समीक्षा
बैठक में राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को दृष्टिगत रखते हुए शहरी विकास को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की कार्ययोजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही शहरी विकास से संबंधित विभिन्न नीतियों, नियमों एवं प्रक्रियाओं पर विस्तार से विमर्श किया गया।
नीतिगत विषयों का प्रभावी क्रियान्वयन
मुख्य सचिव ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों की व्यापक समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी एवं समन्वित क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया:
- रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
- राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी
- राजस्थान भूमि आवंटन नीति
- ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति–2025
उन्होंने कहा कि "योजनाबद्ध, समन्वित एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाकर ही शहरी विकास को सही दिशा दी जा सकती है।"
जयपुर को सिग्नल-फ्री सिटी बनाने पर जोर
श्री श्रीनिवास ने भविष्य उन्मुख शहरी विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए जयपुर को सिग्नल-फ्री सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस एवं व्यवहारिक प्रस्तावों पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली और सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।"
इम्पैक्ट असेसमेंट और गुणवत्ता नियंत्रण
मुख्य सचिव ने भवन उपविधियों के इम्पैक्ट असेसमेंट को अत्यंत आवश्यक बताते हुए निर्देश दिए कि:
- "किसी भी नीति अथवा नियम के लागू होने से पूर्व एवं पश्चात उसके वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन आमजन तथा शहरी संरचना के संदर्भ में अनिवार्य रूप से किया जाए।"
- निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे।
कार्यसंस्कृति में सुधार और स्वच्छता
बैठक में कार्यालयीन कार्यसंस्कृति में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य सचिव ने रिकॉर्ड्स की समय पर छंटनी एवं अनावश्यक अभिलेखों के निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक त्वरित व प्रभावी बनेगी। उन्होंने सभी कार्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
राजस्व हितों और सरकारी भूमि का संरक्षण
उच्च मूल्य की सरकारी भूमि से संबंधित लंबित न्यायालयीन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि "ऐसी भूमि राज्य की महत्वपूर्ण संपत्ति है, जिसके संरक्षण, समुचित उपयोग और राजस्व हितों की दृष्टि से त्वरित एवं ठोस कार्रवाई आवश्यक है।"
स्मार्ट और सस्टेनेबल भविष्य का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शहरी विकास से जुड़ी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि राजस्थान के शहर स्मार्ट, सस्टेनेबल और नागरिक-केंद्रित विकास की दिशा में आगे बढ़ सकें।
उपस्थिति
बैठक में निम्नलिखित उच्च अधिकारी उपस्थित रहे:
- श्री देबाशीष पृष्टि, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग
- श्री सिद्धार्थ महाजन, आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण
- अन्य उच्च अधिकारी

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
