जयपुर। जवाहर नगर के सेक्टर-6 स्थित रानी लक्ष्मी बाई पार्क के शिव मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा एवं मूर्ति अनावरण का भव्य समारोह धार्मिक श्रद्धा और अपार उत्साह के बीच गरिमामयी ढंग से सम्पन्न हुआ। श्री प्रेम प्रकाश मंडलाध्यक्ष परम पूज्य सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज के पावन कर कमलों द्वारा इस महत्वपूर्ण आध्यात्मिक कार्यक्रम की पूर्णाहुति हुई। इस पावन अवसर पर संत मोनूराम साईं जी एवं साध मुकेश साईं जी की विशिष्ट उपस्थिति ने वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया।

सद्गुरु भगत प्रकाश जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से धर्म, आस्था और विश्वास की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि ये तत्व मानव मन को स्थिरता और पवित्रता प्रदान करते हैं। उन्होंने भक्ति की सूक्ष्मता पर जोर देते हुए कहा कि ईश्वर बाह्य आडंबरों के नहीं, बल्कि सच्चे मन के भूखे हैं; यदि पूजन सामग्री का अभाव भी हो, तो भी सच्ची भावना से की गई पुकार को प्रभु अवश्य सुनते हैं। स्वामी जी ने जानकारी दी कि मंदिर में शिव परिवार के साथ-साथ हिंगलाज माता, हनुमान जी, झूलेलाल जी, खाटू श्याम जी एवं सतगुरु स्वामी टेऊँ राम जी की मूर्तियों की शास्त्रीय विधान से स्थापना की गई है। बलूचिस्तान स्थित प्रमुख शक्तिपीठ का उल्लेख करते हुए उन्होंने हिंगलाज माता को सिंधी समाज की कुलदेवी बताया और मंदिर में उनके दिव्य प्रतिरूप की स्थापना को अत्यंत सौभाग्यकारी बताया। श्रद्धालुओं को नित्य मंदिर आने का संदेश देते हुए उन्होंने सिंधी भाषा में 'भगवान संगत सारी जो भलो करे' का आशीर्वचन दिया तथा 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के उद्घोष के साथ लोक कल्याण एवं आरोग्य की कामना की।

समारोह में संत मोनूराम साईं जी ने महादेव की महिमा का गान करते हुए उन्हें दुखों का हर्ता और भवसागर से तारने वाला बताया, वहीं साध मुकेश साईं जी ने सद्गुरु के अनन्य स्मरण और अटूट ध्यान हेतु भावपूर्ण प्रार्थना की। आयोजन समिति के अध्यक्ष सन्नी वरदानी ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 11 आचार्यों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ नवकुंडीय यज्ञ रहा। वैदिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में गणेश, कलश, षोडश मातृका एवं नवग्रह पूजन के साथ मूर्तियों के शुद्धिकरण हेतु जलाधिवास, धान्याधिवास, फलाधिवास, क्षीराधिवास, घृताधिवास एवं पुष्पाधिवास जैसी जटिल और पवित्र विधियां पूर्ण की गईं। अंततः सर्वोषधि, पंचामृत एवं गंगाजल से अभिषेक के पश्चात नेत्रोन्मीलन की विधि सम्पन्न हुई।

महासचिव विजय धनवानी के अनुसार, इस भव्य आयोजन में शहर की विभिन्न पंचायतों के गणमान्य जन और भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। मातृशक्ति द्वारा गाए गए भजनों ने संपूर्ण परिक्षेत्र को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इस गौरवमयी अवसर पर महेश कलवानी, गोरधन आसनानी, बी.डी. टेकवानी, मोहन नानकानी, तुलसी त्रिलोकानी, गोपाल सबनानी, जय राम लालवानी, गोपाल वाधवाणी, राजकुमार निहालानी, भोजराज वाधवाणी, मुरली रुपानी, मनोज वाधवाणी, दिलीप कुमार, महेश सुखवानी, रतन एलानी, प्रदीप मेठवानी, सुरेश जयचंदानी, मनोहर राजानी, दिलीप हरदासानी, दीपक कुमार दुलानी, दिलीप भूरानी, मोहन तलरेजा, कमल आसवानी, गणेश राजपाल, राजकुमार खटवानी, राजाराम भाटिया एवं प्रदीप तलरेजा सहित मातृशक्ति से गीतांजलि एलानी, वंदना नागपाल, ज्योति लालवानी, कविता सबनानी, कशिश वर्धानी और रीटा वाधवाणी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन भव्य भोजन प्रसादी के साथ हुआ, जिसमें सभी आगंतुकों ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण किया।

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