जयपुर, 15 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और सेवा शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलक्टर संदेश नायक ने जयपुर जिले में चल रहे ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों-2026 के प्रभावी संचालन, निरंतर निरीक्षण और उच्च स्तरीय पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की एक विस्तृत श्रृंखला नियुक्त की है। यह प्रशासनिक कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि शिविरों का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ पहुँचे।

आदेश के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय को आमेर एवं जालसू, तृतीय को फागी एवं माधोराजपुरा, चतुर्थ को जमवारामगढ़ एवं आंधी, शहर दक्षिण को चाकसू एवं कोटखावदा, तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर दूदू को मौजमाबाद एवं दूदू पंचायत समितियों के पर्यवेक्षण का दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सांभर, उप महानिरीक्षक मुद्राक वृत्त प्रथम को शाहपुरा एवं विराटनगर, द्वितीय को बस्सी एवं तूंगा तथा तृतीय को किशनगढ़ रेनवाल क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, जिला रसद अधिकारी प्रथम को सांगानेर तथा द्वितीय को झोटवाड़ा एवं जोबनेर और उप निदेशक महिला एवं बाल विकास को गोविन्दगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण का कार्य सौंपा गया है। शहरी क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपनिदेशक स्थानीय निकाय विभाग को समस्त नगरपालिकाओं तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर उत्तर को नगर निगम जयपुर एवं समस्त जोन कार्यालयों के शिविरों की निगरानी का जिम्मा दिया गया है।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी नियुक्त अधिकारी अपने आवंटित क्षेत्रों का नियमित दौरा करेंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करना और जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। प्रशासन का यह कदम न केवल सरकारी सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाएगा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को भी एक नया आयाम देगा।

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