जयपुर में सुशासन और समावेशी विकास की नई मिसाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने रचा इतिहास
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने सुशासन और समावेशी विकास के नए मानदंड स्थापित किए। रास्ता खोलो, नरेगा आखर, लाडेसर, बिटिया गौरव पेटी और सक्षम जयपुर जैसी पहलों ने आमजन की जिंदगी में वास्तविक बदलाव लाया और जयपुर को मॉडल जिला के रूप में स्थापित किया।

जयपुर, 25 दिसंबर 2025। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व और दूरदृष्टि के चलते राजस्थान की राजधानी जयपुर सुशासन और समावेशी विकास के नए आयामों को छू रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री की मंशा को धरातल पर साकार कर दिखाया है। राजधानी अब केवल योजनाओं की सूची नहीं, बल्कि एक जीवंत मॉडल बन चुकी है, जहाँ नीतियाँ जमीन पर उतरती हैं, व्यवस्थाएँ लोगों तक पहुँचती हैं और वास्तविक बदलाव महसूस किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विज़न के अनुरूप, जयपुर में अनेक अभियानों ने जनता का विश्वास मजबूत किया है। ‘रास्ता खोलो’, ‘नरेगा आखर’, ‘लाडेसर’, ‘बिटिया गौरव पेटी’, ‘सक्षम जयपुर अभियान’ और ‘नशा मुक्त जयपुर’ जैसे अभियानों ने प्रशासनिक नवाचार और जनकल्याण का संयोजन प्रस्तुत किया।
ग्रामीण और किसानों के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ ने 1,481 रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कर प्रशासनिक कार्यकुशलता और संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल पेश की है। इसके साथ ही, 266 किलोमीटर ग्रेवल और 10 किलोमीटर इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया गया।
‘नरेगा आखर अभियान’ ने शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2,14,907 मनरेगा श्रमिकों में से 47,000 से अधिक निरक्षर श्रमिकों को साक्षर बनाया गया। 4,692 प्रशिक्षित मेटों और कार्मिकों के मार्गदर्शन में 41,290 श्रमिकों ने बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। आगामी चरण में बैंकिंग, डिजिटल साक्षरता और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव की जानकारी प्रदान की जाएगी।
कुपोषण के खिलाफ ‘लाडेसर अभियान’ ने 5,300 कुपोषित और 883 गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण किट वितरित कर एक मील का पत्थर स्थापित किया। वहीं, ‘बिटिया गौरव पेटी’ ने स्कूलों की छात्राओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें आवश्यक सामग्रियों की सुविधा प्रदान की।
‘सक्षम जयपुर अभियान’ के तहत महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल और कानूनी जानकारी प्रदान की गई। दिव्यांगजनों के लिए शिविरों में 21 श्रेणियों में प्रमाण पत्र, सहायक उपकरण और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया। ‘गिव अप अभियान’ में जयपुर ने राज्य के 41 जिलों में सबसे अधिक 2,25,000 अपात्र लाभार्थियों का नाम हटवाकर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।
जयपुर जिला प्रशासन ने सतत विकास लक्ष्य सूचकांक, पंच गौरव योजना और अंत्योदय संबल शिविरों के माध्यम से जनता की वास्तविक समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया। ‘नशा मुक्त जयपुर’ अभियान और ‘पार्क गोद लेने’ जैसी पहलों ने सामाजिक जागरूकता और हरित विकास को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जयपुर का यह प्रशासनिक सफर राजस्थान और देश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता हमेशा जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान रही है, और यही वजह है कि जयपुर अब सुशासन, समावेशी विकास और नवाचार की पहचान बनकर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
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Pratahkal Bureau
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