जयपुर में नव नियुक्त राज्य सेवा अधिकारियों के लिए एसडीआरएफ का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण
एचसीएम रीपा में आयोजित कार्यक्रम में एसडीआरएफ कमांडेंट ने भावी प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित प्रतिक्रिया, राहत प्रबंधन और रेस्क्यू तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी।

जयपुर के एचसीएम रीपा (नेहरू भवन) परिसर में रविवार को आयोजित आपदा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम के दौरान गैस सिलेंडर में लगी आग को बुझाने की व्यावहारिक तकनीक सीखतीं नव नियुक्त महिला अधिकारी। उनके साथ राजस्थान राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के प्रशिक्षक और राजस्थान पुलिस के जवान मौजूद हैं।
जयपुर। राजस्थान राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) द्वारा रविवार को हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा), जयपुर में नव नियुक्त राजस्थान राज्य सेवा अधिकारी प्रशिक्षुओं के लिए एक विशेष आपदा बचाव एवं राहत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संकट के समय प्रशासनिक सूझबूझ और त्वरित एक्शन को रेखांकित करते इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भावी अधिकारियों को विभिन्न आपदाओं से बचाव, राहत कार्यों और शुरुआती रेस्क्यू तकनीकों की गहन व्यावहारिक व संवेदनशील जानकारी प्रदान की गई।
एसडीआरएफ कमांडेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने आधिकारिक तौर पर कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका मुख्य ध्येय प्रशासनिक अधिकारियों को आपदा की विभीषिका के समय त्वरित प्रतिक्रिया देने, कुशल राहत प्रबंधन संभालने और संकट में फंसे आमजन की जीवन रक्षा हेतु पूर्णतः प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाना है। कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ कमांडेंट सिसोदिया द्वारा प्रस्तुत एक विस्तृत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से हुआ, जिसमें उन्होंने एसडीआरएफ की आंतरिक कार्यप्रणाली, बल की संरचना, आपातकालीन तैनाती व्यवस्था और संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र में उसकी निर्णायक भूमिका की विस्तृत रूपरेखा सामने रखी।
प्रशिक्षण को धरातल पर उतारते हुए एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम के जांबाज जवानों ने एचसीएम रीपा परिसर में रोंगटे खड़े कर देने वाला एक सजीव रोप रेस्क्यू डेमो प्रस्तुत किया। इस लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को सीधे तौर पर सिखाया गया कि बाढ़, विनाशकारी भूकंप, भीषण सड़क दुर्घटना और गगनचुंबी ऊंचाइयों से गिरने जैसी अत्यंत आपातकालीन एवं चुनौतीपूर्ण स्थितियों में किस प्रकार अचूक और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त, दैनिक जीवन में अचानक होने वाली जानलेवा घटनाओं जैसे हार्ट अटैक, गैस सिलेंडर में आग लगना, सड़क हादसे, बाढ़ और भूकंप जैसी विषम परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले शुरुआती त्वरित बचाव उपायों की भी व्यावहारिक शिक्षा दी गई। प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से यह सिखाया गया कि पेशेवर रेस्क्यू टीम के घटना स्थल पर पहुंचने से ठीक पहले, एक सजग नागरिक या अधिकारी के रूप में घायल व्यक्ति की किस प्रकार त्वरित मदद की जा सकती है और बहुमूल्य जान बचाने के लिए किन-किन सावधानियों को बरतना अनिवार्य होता है।
इस विशेष आयोजन के दौरान एचसीएम रीपा परिसर में एसडीआरएफ के आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो पूरे कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। इस प्रदर्शनी में विभिन्न प्राकृतिक और मानव-जनित आपदाओं में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक और हाई-टेक उपकरणों को प्रदर्शित किया गया था। वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों और नव नियुक्त प्रशिक्षुओं ने इन उपकरणों की जटिल कार्यप्रणाली को बेहद करीब से समझा और मौके पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों से तकनीकी बारीकियों की जानकारी हासिल की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों ने एसडीआरएफ की अनुशासित कार्यशैली और इस सजीव लाइव डेमो की भूरि-भूरि सराहना की तथा इसे अपने प्रशासनिक करियर के लिए एक अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और जीवन रक्षक प्रशिक्षण करार दिया।

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