जयपुर। गुलाबी नगरी के हृदय स्थल में पिछले कई दिनों से सजी शिल्प, संस्कृति और स्वावलंबन की अनूठी प्रदर्शनी 'सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2025' रविवार को अपने पूरे वैभव के साथ संपन्न हो गई। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा 18 दिसंबर से आयोजित इस मेले के अंतिम दिन जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि हर कोना उल्लास और रंगों से सराबोर नजर आया। यह केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने से आईं स्वयं सहायता समूहों की हजारों महिलाओं के सपनों, उनके हुनर और उनके संघर्षों की सफलता का एक जीवंत उत्सव बन गया। समापन की शाम न केवल आर्थिक उपलब्धियों के नाम रही, बल्कि संगीत की मधुर लहरियों ने इस विदाई को यादगार बना दिया।

ग्रामीण विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल के कुशल मार्गदर्शन और विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा के कुशल निर्देशन में इस मेले ने सफलता के नए प्रतिमान स्थापित किए। समापन समारोह के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरक दृश्य तब देखने को मिला जब स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने स्वयं आगे आकर मेले के प्रायोजक बैंकों का सम्मान किया। इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा के असिस्टेंट जनरल मैनेजर श्री संदीप गुप्ता एवं चीफ मैनेजर श्री शारदुल तारे, आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल हेड श्री संजय और चीफ मैनेजर श्री गोपाल राठी, तथा एचडीएफसी बैंक के जयपुर क्लस्टर हेड श्री मुकेश गोरन विशेष रूप से उपस्थित रहे। संस्थागत सहयोग और नारी शक्ति के इस संगम के बीच राज्य मिशन निदेशक राजीविका श्रीमती नेहा गिरि ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पूरे आयोजन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई रीढ़ बताया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक (प्रशासन) श्रीमती प्रीति सिंह सहित राजीविका के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

मेले के सबसे प्रतीक्षित क्षण 'बेस्ट सेलर्स पुरस्कार' की घोषणा के साथ ही समारोह में ऊर्जा का संचार हो गया। अन्य राज्यों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश की 'हीना एसएचजी' ने अपनी सिल्क साड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री से प्रथम स्थान प्राप्त कर स्कूटी जीती। वहीं जम्मू-कश्मीर की 'सोगम एसएचजी' ने गर्म सूटों की बिक्री से दूसरा स्थान प्राप्त कर लैपटॉप और पंजाब की 'गुरुनानक एसएचजी' ने फुलकारी कला के दम पर तीसरा स्थान पाकर स्मार्टफोन अपने नाम किया। राजस्थान की श्रेणियों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा रही, जहाँ भरतपुर की 'जयशंकर एसएचजी' के जूट उत्पादों ने उन्हें स्कूटी का विजेता बनाया। बाड़मेर की 'दिनुवाणी एसएचजी' ने कशीदाकारी में बाजी मारते हुए द्वितीय स्थान पर लैपटॉप जीता, जबकि अजरक प्रिंट की धूम मचाने वाली बाड़मेर की ही 'जोगमाया एसएचजी' ने तृतीय स्थान प्राप्त कर स्मार्टफोन हासिल किया।

इस औपचारिक समापन के बाद सांस्कृतिक संध्या ने जयपुर वासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मशहूर गायक शहजाद अली के सूफियाना और लोक सुरों ने जब फिजां में रंग घोला, तो उपस्थित दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। उनके साथ संगीतकार ताहिर हुसैन की संगत ने सुरों का ऐसा जादुई समां बांधा कि समापन समारोह एक ऐतिहासिक उत्सव में बदल गया। इन्फ्लुएंसर प्रतियोगिता में 'डिवाइन मैजेस्टी' (divinemajestyhorsema), विश्वजीत सिंह और 'पिंक सिटी मॉम्स' की आस्था जैन को उनकी अनूठी रचनात्मकता के लिए सम्मानित किया गया। यह मेला साबित कर गया कि जब ग्रामीण हुनर को सही मंच और आधुनिक तकनीक का साथ मिलता है, तो वह न केवल बाजार जीतता है, बल्कि समाज के सोचने का नजरिया भी बदल देता है।

Pratahkal Newsroom

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