जयपुर में नगरीय निकाय चुनाव से पहले सख्ती, हथियारों के प्रदर्शन और भड़काऊ प्रचार पर रोक
जयपुर ग्रामीण में नगरीय निकाय चुनाव-2026 के मद्देनजर धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। हथियारों के प्रदर्शन, भड़काऊ प्रचार, बिना अनुमति जुलूस-सभा और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार पर रोक रहेगी।

जयपुर। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही चुनाव संबंधी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। सभी वर्गों के मतदाता बिना किसी भय और दबाव के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट जयपुर संदेश नायक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जयपुर पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र को छोड़कर जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के थाना क्षेत्रों में आने वाले नगरीय निकाय चुनाव से प्रभावित क्षेत्रों में यह आदेश लागू किया है।
जिला मजिस्ट्रेट का यह आदेश 19 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि से प्रभावी है और आगामी आदेश तक लागू रहेगा। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक एवं रासायनिक पदार्थ तथा आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, एम.एल. गन, बी.एल. गन आदि के साथ ही गंडासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया जैसे अन्य घातक हथियारों को धारण करने, प्रदर्शित करने अथवा साथ लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों, पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड तथा मतदान दलों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट दी गई है। दिव्यांग एवं बीमार व्यक्तियों को सहारे के लिए लाठी रखने तथा राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सदस्यों को निर्धारित गतिविधियों के लिए छूट रहेगी।
निषेधाज्ञा के तहत संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थान पर राजनीतिक प्रयोजन से जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्रों का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा ध्वनि प्रसारण यंत्र के उपयोग की अनुमति प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी। किसी भी आयोजन से यातायात व्यवस्था, जन व्यवस्था और जनशांति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
आदेश में भाषायी, जातीय या साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले अथवा उत्तेजनात्मक नारे लगाने, ऐसे भाषण या उद्बोधन देने तथा चुनाव संबंधी पम्पलेट, पोस्टर या अन्य सामग्री छापने, छपवाने अथवा वितरित करने पर भी रोक लगाई गई है। एम्प्लीफायर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा।
इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप एवं यूट्यूब के माध्यम से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष अथवा दुष्प्रचार फैलाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर नारे-लेखन या चित्रांकन करने, पोस्टर अथवा होर्डिंग लगाने और सार्वजनिक संपत्तियों का विरूपण करने की अनुमति नहीं होगी।
निजी संपत्ति का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग भी उसके स्वामी की लिखित पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन करने, किसी अन्य को सेवन करवाने अथवा इसके लिए दुष्प्रेरित करने पर रोक रहेगी। अधिकृत विक्रेताओं के अतिरिक्त सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा ले जाना भी प्रतिबंधित रहेगा। शुष्क दिवस पर मदिरा-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
चुनाव प्रचार या प्रसार के लिए वाहनों से यातायात बाधित नहीं किया जा सकेगा। संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र लगाने अथवा किसी वाहन का उपयोग करने पर भी रोक रहेगी। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर अथवा अन्य पूजा स्थलों तथा चिकित्सा स्थलों का उपयोग निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में नहीं किया जाएगा।
मतदान केन्द्र अथवा उसके आसपास किसी भी व्यक्ति द्वारा पहचान स्लिप के रूप में पोस्टर, झंडे, चुनाव चिह्न अथवा अन्य प्रचार सामग्री का प्रदर्शन या उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने आमजन से आदेश की पालना करते हुए शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
आदेश की अवहेलना अथवा उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस तरह जयपुर ग्रामीण के चुनाव प्रभावित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा के जरिए चुनाव प्रक्रिया के दौरान हथियारों के प्रदर्शन, भड़काऊ प्रचार, बिना अनुमति आयोजनों और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर स्पष्ट प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।

