नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने रूमेटोलॉजी अपडेट 2026 में साझा किया स्वास्थ्य निदान का नया दृष्टिकोण
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर द्वारा आयोजित 'जयपुर रूमेटोलॉजी अपडेट 2026' में जुटे देश के सौ से अधिक विशेषज्ञ। जटिल रूमेटोलॉजिकल रोगों के सटीक निदान और जांच की बारीकियों पर हुई गहन चर्चा, क्या बदल सकता है चिकित्सा जगत का भविष्य? जानें पूरी खबर।

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर द्वारा आयोजित जयपुर रूमेटोलॉजी अपडेट 2026 में शिरकत करते विशेषज्ञ चिकित्सक।
चिकित्सा जगत में निरंतर हो रहे बदलावों और जटिल रोगों के समय पर निदान को प्राथमिकता देते हुए, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने रविवार को होटल क्लार्क्स आमेर में 'जयपुर रूमेटोलॉजी अपडेट 2026' का भव्य आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संगोष्ठी का मुख्य केंद्र बिंदु "रूमेटोलॉजी में जांचें: कब करवाएं और उनकी व्याख्या कैसे करें" रहा, जिसने देश भर के चिकित्सा विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष योग सत्र के साथ हुआ, जिसमें चिकित्सकों ने हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में योग की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इस कार्यशाला में देश के विभिन्न कोनों से आए 100 से अधिक चिकित्सकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान आठ प्रख्यात विशेषज्ञ फैकल्टी सदस्यों ने रूमेटोलॉजिकल रोगों के निदान के लिए अनिवार्य जांचों के चयन, उनकी वैज्ञानिक सटीकता और रिपोर्ट के विश्लेषण से जुड़े सूक्ष्म पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। यह आयोजन एपीआई जयपुर, मेटाबॉलिक सोसायटी जयपुर तथा रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। पूरे दिन चले विभिन्न सत्रों, केस आधारित विमर्श और क्विज गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल नैदानिक प्रक्रियाओं की बारीकियों को समझा, बल्कि दैनिक चिकित्सा अभ्यास में आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजने हेतु अपने अनुभवों का आदान-प्रदान किया।
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के डायरेक्टर- रूमेटोलॉजी एवं आयोजन अध्यक्ष, डॉ. राहुल जैन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि इस संगोष्ठी का मुख्य ध्येय चिकित्सकों को रूमेटोलॉजी जांचों के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। अस्पताल के डायरेक्टर श्री बलविंदर सिंह वालिया ने चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान के निरंतर प्रवाह को अनिवार्य बताते हुए ऐसे आयोजनों की सराहना की। वहीं, क्लीनिकल डायरेक्टर एवं कार्डियक एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप गोयल ने चर्चाओं को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इसने रूमेटोलॉजी में जांचों की भूमिका को समझने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया है। राजस्थान में बहुविशेषता स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका नारायणा हॉस्पिटल जयपुर, इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से उपचार, निदान और शैक्षणिक गतिविधियों के समन्वय को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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