जयपुर में 'रास्ता खोलो अभियान' से 1703 बंद मार्ग खुले, लाखों को मिली राहत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर जयपुर जिला प्रशासन ने 15 महीनों में 1700 से अधिक अवरुद्ध रास्तों को आपसी समझाइश से खुलवाकर ग्रामीण कनेक्टिविटी सुधारी है।

जयपुर जिला प्रशासन के 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत फागी और मौजमाबाद तहसील में सर्वाधिक मार्ग खुलने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो गया है।
जयपुर, 21 फरवरी। सुशासन और जनहित सर्वोपरि की नीति को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अनेक अभिनव पहले संचालित की जा रही हैं। इन्हीं पहलों में से एक है जयपुर जिले में प्रभावी रूप से क्रियान्वित रास्ता खोलो अभियान, जिसने मात्र 15 महीनों में ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदल दी है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जयपुर जिला प्रशासन के प्रयास लाए रंग और जयपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में राहत का दूसरा नाम रास्ता खोलो अभियान बना है। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से जयपुर जिले में वर्षों से बंद पड़े 1700 से अधिक रास्ते खुलवाए गए, जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई है।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी अभियान की सतत एवं सघन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्षों पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत फागी तहसील अव्वल रही, जहां सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए। वहीं मौजमाबाद तहसील में प्रशासन ने 132 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार ने बताया कि 15 नवम्बर 2024 से 21 फरवरी 2026 की अवधि में रास्ता खोलो अभियान के तहत जयपुर में कुल 1 हजार 703 रास्ते खुलवाए गए। तहसीलवार विवरण इस प्रकार है:
अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार के अनुसार:
"जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में रास्ता खोलो अभियान केवल मार्ग खोलने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुगम बनाने का सशक्त माध्यम बन गया है।"
रास्ता खोलो अभियान से ग्रामीणों और किसानों को हुए लाभ:
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जयपुर जिला प्रशासन के इस विनम्र प्रयास ने संवेदनशील और समाधान-आधारित दृष्टिकोण ने कई वर्षों पुराने विवादों को समाप्त कर सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ किया है। यही कारण है कि रास्ता खोलो अभियान आज जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत, विश्वास और सुशासन का पर्याय बन चुका है। यह पहल न केवल अवरुद्ध मार्गों को खोल रही है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।

