जयपुर, 21 फरवरी। सुशासन और जनहित सर्वोपरि की नीति को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अनेक अभिनव पहले संचालित की जा रही हैं। इन्हीं पहलों में से एक है जयपुर जिले में प्रभावी रूप से क्रियान्वित रास्ता खोलो अभियान, जिसने मात्र 15 महीनों में ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदल दी है।

मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिला प्रशासन के प्रयास

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जयपुर जिला प्रशासन के प्रयास लाए रंग और जयपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में राहत का दूसरा नाम रास्ता खोलो अभियान बना है। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से जयपुर जिले में वर्षों से बंद पड़े 1700 से अधिक रास्ते खुलवाए गए, जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों, ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई है।

सतत मॉनिटरिंग और समझाइश से समाधान

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी अभियान की सतत एवं सघन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्षों पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से किया जा रहा है।

प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया गया है। सहमति और समझाइश से गांवों, खेतों और ढाणियों के वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खोला जा रहा है। अभियान की उपलब्धि: फागी और मौजमाबाद अव्वल

अभियान के अंतर्गत फागी तहसील अव्वल रही, जहां सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए। वहीं मौजमाबाद तहसील में प्रशासन ने 132 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।

तहसीलवार रिपोर्ट: 15 नवम्बर 2024 से 21 फरवरी 2026 तक के आंकड़े

अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार ने बताया कि 15 नवम्बर 2024 से 21 फरवरी 2026 की अवधि में रास्ता खोलो अभियान के तहत जयपुर में कुल 1 हजार 703 रास्ते खुलवाए गए। तहसीलवार विवरण इस प्रकार है:

फागी: 148, मौजमाबाद: 132, आंधी: 119, चौमूं: 103, शाहपुरा: 100 फुलेरा एवं चाकसू: 91-91, जमवारामगढ़: 90, आमेर एवं दूदू: 89-89, रामपुरा डाबड़ी: 85 माधोराजपुरा: 83, बस्सी: 81, जोबनेर: 79, किशनगढ़: 75, कोटखावदा: 72 जालसू: 70, तुंगा: 57, सांगानेर: 34, कालवाड़: 10, जयपुर तहसील: 5 ग्रामीण जीवन और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार के अनुसार:

"जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में रास्ता खोलो अभियान केवल मार्ग खोलने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुगम बनाने का सशक्त माध्यम बन गया है।"

रास्ता खोलो अभियान से ग्रामीणों और किसानों को हुए लाभ:

किसानों को खेतों तक मशीनरी और उपज पहुंचाने में सुविधा मिली है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ता। सुशासन और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जयपुर जिला प्रशासन के इस विनम्र प्रयास ने संवेदनशील और समाधान-आधारित दृष्टिकोण ने कई वर्षों पुराने विवादों को समाप्त कर सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ किया है। यही कारण है कि रास्ता खोलो अभियान आज जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत, विश्वास और सुशासन का पर्याय बन चुका है। यह पहल न केवल अवरुद्ध मार्गों को खोल रही है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।

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