जयपुर रास्ता खोलो अभियान: 17 माह में 1802 अवरुद्ध मार्ग हुए दोषमुक्त
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जिला प्रशासन ने संवाद और समझाइश के जरिए 30 साल पुराने विवाद सुलझाकर ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सौगात दी।

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा और जयपुर जिला प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति से संचालित 'रास्ता खोलो अभियान' आज ग्रामीण राजस्थान में सुशासन और सकारात्मक बदलाव की एक नई पहचान गढ़ रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की सतत मॉनिटरिंग और कुशल निर्देशन में पिछले 17 महीनों से भी कम की अल्पावधि में जिले भर में 1800 से अधिक वर्षों से विवादित और अवरुद्ध रास्तों को खुलवाकर लाखों ग्रामीणों के जीवन को सुगम बनाया गया है। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई मात्र न रहकर अब आमजन के लिए राहत का दूसरा नाम बन चुका है, जहां दशकों पुराने जटिल विवादों का समाधान केवल संवाद, आपसी सहमति और समझाइश के माध्यम से किया जा रहा है।
इस दूरगामी पहल की सफलता का जीवंत उदाहरण लसाड़िया पंचायत में देखने को मिलता है, जहाँ गडूड़ा से चकवाड़ा के बीच पिछले 30 वर्षों से बंद पड़ा मार्ग खुलने से ग्रामीणों के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं। पूर्व में ग्रामीणों को 17 किलोमीटर का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता था, जो अब सिमटकर मात्र 7 किलोमीटर रह गया है। इस मार्ग पर ग्रेवल सड़क के निर्माण से न केवल समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि अब किसान अपनी उपज सुगमता से मंडियों तक पहुंचा पा रहे हैं, विद्यार्थियों के लिए स्कूल की राह आसान हुई है और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी त्वरित गति से उपलब्ध हो रही हैं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री आशीष कुमार के अनुसार, 15 नवम्बर 2024 से 29 मार्च 2026 तक की अवधि में प्रशासन ने कुल 1 हजार 802 अवरुद्ध रास्ते खुलवाने में सफलता प्राप्त की है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रत्येक तहसील में प्रति सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का कड़ा मापदंड निर्धारित किया गया है। आंकड़ों के विश्लेषण में फागी तहसील 154 रास्ते खुलवाकर जिले में प्रथम स्थान पर रही है, जबकि मौजमाबाद तहसील ने 135 रास्ते खोलकर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। अन्य तहसीलों में भी यह अभियान तीव्र गति से संचालित है, जिसके तहत चौमूं में 109, शाहपुरा में 106, चाकसू में 100, फुलेरा में 99, जमवारामगढ़ में 96, आमेर में 94, दूदू में 92, रामपुरा डाबड़ी में 91, माधोराजपुरा में 86, बस्सी में 85, जोबनेर में 84, जालसू में 79, कोटखावदा में 78, किशनगढ़ में 77, तुंगा में 61, सांगानेर में 39, कालवाड़ में 10 तथा जयपुर तहसील में 5 रास्ते सफलतापूर्वक खुलवाए गए हैं।
'रास्ता खोलो अभियान' ने न केवल भौतिक बाधाओं को दूर किया है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी वर्षों पुराने आपसी मनमुटाव को समाप्त कर सौहार्द को सुदृढ़ किया है। खेतों तक कृषि मशीनरी ले जाने की सुविधा और आवागमन में सुगमता आने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच और जिला प्रशासन के समर्पित प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह अभियान विश्वास और पारदर्शी शासन का पर्याय बनकर उभरा है, जो न केवल विकास की राह प्रशस्त कर रहा है बल्कि जनता और प्रशासन के बीच के विश्वास को भी गहरा कर रहा है।

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