जयपुर में ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान शुरू, 13 जोन की 617 दीवारों पर उकेरी जाएगी कला
नगर निगम ने जयपुर को सुंदर बनाने के लिए अभियान शुरू किया है, जिसके तहत 13 जोन में 617 दीवारों को पारंपरिक लोककला और चित्रों से सजाया जाएगा।

जयपुर में 'रंग दे गुलाबी 2.0' अभियान की शुरुआत के अवसर पर मूक-बधिर विद्यालय में वॉल पेंटिंग करते बच्चे और अधिकारी।
जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने शनिवार को ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान की शुरुआत की। इसके तहत शहर के सभी 13 जोन में 617 दीवारों को रंगों और कलात्मक चित्रों से सजाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महापौर सुनील कोठारी और नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने त्रिमूर्ति सर्किल स्थित मूक-बधिर विद्यालय में बच्चों के साथ दीवारों पर रंग भरकर अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल में स्कूली विद्यार्थियों, कॉलेज छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, पुलिस और सेना के जवानों सहित शहरवासियों ने भागीदारी निभाई।
जयपुर की दीवारों को कलात्मक स्वरूप देने की यह पहल पहले चलाए गए अभियान का अगला चरण है। इससे पहले 2 मई को जयपुर नगर निगम ने 24 घंटे में 600 से अधिक दीवारों को रंगने का अभियान चलाया था। इस पहल को सराहना मिली थी। अब उसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से शहर के सार्वजनिक स्थलों को रंगों और पारंपरिक कलाओं से सजाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान की शुरुआत त्रिमूर्ति सर्किल स्थित मूक-बधिर विद्यालय से हुई। महापौर सुनील कोठारी और नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने विद्यालय के बच्चों के साथ दीवारों पर रंग भरे। इस दौरान बच्चों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से आपसी तालमेल प्रदर्शित करते हुए डांस भी किया। बच्चों के साथ जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी ने अभियान के उद्घाटन को विशेष रूप दिया।
महारानी कॉलेज की छात्राओं और यूपीएससी की तैयारी कर रही युवतियों ने भी अभियान में हिस्सा लिया। छात्राओं ने पारंपरिक जयपुरी गेरुआ रंग और राजस्थान की लोककला मांडणा के माध्यम से दीवारों को आकर्षक रूप देने की पहल की। उन्होंने बताया कि वे शहर की दीवारों पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कला को प्रदर्शित करने की कोशिश कर रही हैं, ताकि शिक्षा, कला और जनभागीदारी के संगम से सार्वजनिक स्थलों को नया रूप दिया जा सके।
पानीपेच चौराहे पर आईजी कार्यालय के पास पुलिस और सेना के जवानों ने भी दीवारों पर पेंटिंग कर अभियान में योगदान दिया। जवानों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए शहर को सुंदर बनाने का संदेश दिया। इसके अलावा माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, तिलक नगर सहित विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने दीवारों की रंगाई और पेंटिंग में भाग लिया। नगर निगम के सभी जोन में निर्धारित स्थानों पर भी वॉल पेंटिंग की गतिविधियां आयोजित की गईं।
नगर निगम ने अभियान के तहत 13 जोन के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं। हवामहल-आमेर में 47, सिविल लाइंस में 50, किशनपोल में 60, आदर्श नगर में 45, मालवीय नगर में 50, जगतपुरा में 45, झालाना में 45, झोटवाड़ा में 45, वैशाली नगर में 45, मानसरोवर में 35, सांगानेर में 50, मुरलीपुरा में 50 और विद्याधर नगर में 50 दीवारों को रंगने की योजना है। इन सभी जोन में कुल 617 दीवारों को रंगने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया कि ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान केवल दीवारों को रंगने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने, जयपुर की गुलाबी पहचान को मजबूत करने और नागरिकों को शहर के विकास में सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों और उम्र के लोग इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। नगर निगम की इस पहल में पारंपरिक लोककला, विद्यार्थियों की रचनात्मकता और विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी के जरिए शहर की दीवारों को नया स्वरूप देने का लक्ष्य रखा गया है।

