जयपुर के आदर्श नगर स्थित श्री राम मंदिर में चल रही श्री रामलीला में शुक्रवार को केवट संवाद, पुत्र वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्याग और भरत मिलाप के दृश्यों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कोटा के सुरभि कला केंद्र के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। केवट की अनन्य भक्ति, राम-वियोग में राजा दशरथ की व्याकुलता और भगवान श्रीराम-भरत के मिलाप ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।

केवट संवाद के प्रसंग में भगवान श्रीराम को गंगा पार उतारने से पहले केवट ने उनके चरण पखारने की विनती की। उसने कहा कि प्रभु के चरणों के स्पर्श से पत्थर की शिला अहिल्या सुंदर नारी बन गई थी। ऐसे में यदि उसकी नाव भी नारी बन गई तो उसकी आजीविका का साधन समाप्त हो जाएगा। इसी कारण वह पहले भगवान श्रीराम के चरण धोना चाहता है। केवट की इस भोली युक्ति में छिपी अनन्य भक्ति ने दर्शकों को प्रभावित किया।

भगवान श्रीराम ने केवट की विनती स्वीकार कर ली। इसके बाद केवट ने अपने परिवार सहित प्रभु के चरण पखारे और उस पवित्र जल को ग्रहण किया। उसने मन ही मन प्रार्थना की कि प्रभु, आज वह उन्हें गंगा के उस पार उतार रहा है, इसलिए वे उसे भवसागर से पार उतार दें। गंगा पार पहुंचने पर भगवान श्रीराम ने केवट को उतराई देनी चाही। इस पर माता सीता ने अपनी रत्नजड़ित अंगूठी उतारकर उन्हें दी, लेकिन केवट ने उसे लेने से इनकार कर दिया। उसकी निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने उसे निर्मल भक्ति का वरदान दिया।

इसके बाद अयोध्या में पुत्र वियोग से व्याकुल राजा दशरथ का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के वनगमन से दुखी दशरथ बार-बार सुमंत्र से राम के बारे में पूछते रहे। पुत्र वियोग में उनका शरीर शिथिल हो गया और अंततः उन्होंने प्राण त्याग दिए। इस प्रसंग के मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

रामलीला के अगले दृश्य में भगवान श्रीराम और भरत का मिलाप दिखाया गया। दोनों भाइयों के स्नेहपूर्ण आलिंगन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने भरत को समझाकर अयोध्या वापस भेज दिया।

रामलीला से जुड़े संजय आहुजा ने बताया कि दीपिका संधू सीता, प्रिया बुधवानी मंदोदरी, दीक्षा भाटी सुमित्रा, एन्जल रावत उर्मिला और मीना गौड़ कौशल्या की भूमिका निभा रही हैं। देवांश शर्मा भरत, शालीन दाधीच लक्ष्मण, शुभम अग्रवाल शत्रुघ्न, मांगीलाल गौतम निषाद राज, अशोक गौतम मारीच और शिवराज सिंह मेघनाथ के किरदार में अभिनय कर रहे हैं।

श्री राम मंदिर प्रन्यास के हरचरण लेकर, अनिल खुराना, लक्ष्मण मलिक, रवि सचदेवा, राजीव मनचंदा और जितेंद्र चड्ढा ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी।

रामलीला प्रभारी केशव बेदी ने बताया कि शनिवार को सती अनुसूया संवाद, खर-दूषण वध, सीता हरण, जटायु वध, शबरी मिलन और सुग्रीव मित्रता की लीलाओं का मंचन होगा। आगामी प्रस्तुतियों में वनवास के प्रसंगों और भगवान श्रीराम की आगे की यात्रा से जुड़ी घटनाओं का मंचन किया जाएगा।

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