जयपुर। राजस्थान की गुलाबी नगरी आज तकनीक और नवाचार के एक नए युग की साक्षी बनी, जहाँ मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए प्रदेश को सूचना प्रौद्योगिकी के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने का उद्घोष किया। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 के विशेष संवाद सत्र में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीतियों के केंद्र में केवल फाइलें नहीं, बल्कि निवेशकों की सहूलियत और प्रदेश का सर्वांगीण विकास है। उन्होंने भावुक और प्रभावशाली स्वर में कहा कि राजस्थान की पावन धरा में किया गया निवेश न केवल आर्थिक लाभ प्रदान करता है, बल्कि यह निवेशकों को एक गहरे आत्मिक संतोष की अनुभूति भी कराता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य की भविष्योन्मुखी दृष्टि को रेखांकित करते हुए बताया कि राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी और राजस्थान एआई एमएल (AI-ML) जैसी क्रांतिकारी नीतियां प्रदेश को आईटी क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने साझा किया कि 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की धरातल पर शुरुआत होना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा अब राजस्थान की कार्यप्रणाली और संभावनाओं पर अडिग हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे निवेशकों के सुझावों पर त्वरित कार्रवाई करें और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राजीविका की महिलाओं को स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से सीधे जोड़ें।

प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी के मुखिया, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने समिट के दौरान राज्य के सुदृढ़ होते औद्योगिक ढांचे पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में 7 हजार से अधिक आई-स्टार्टअप्स का एक विशाल और सक्रिय नेटवर्क कार्य कर रहा है, जो नई नीतियों के साथ मिलकर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं के जाल को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहा है। इसी क्रम में वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री श्री शर्मा के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और राजस्थान इस विकास गाथा का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है। प्रतिनिधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडिकल साइंस, ग्रीन इन्वेस्टमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।

जयपुर के जेईसीसी में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतिष्ठित सम्मेलन में दुनिया भर से 10 हजार से अधिक प्रतिभागी, 500 से अधिक निवेशक और 300 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। यह आयोजन न केवल स्थानीय स्टार्टअप्स और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय डिजिटल बदलावों से रूबरू करा रहा है, बल्कि उन्हें वैश्विक मेंटर्स और दिग्गज उद्योगपतियों के साथ सीधे जुड़ने का एक दुर्लभ मंच भी प्रदान कर रहा है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में वैश्विक उद्यमिता जगत की कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें टाई ग्लोबल के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के चेयरमैन श्री मुरली बुक्कापट्टनम, फाउंडर श्री ए.जे. पटेल, टाई राजस्थान के फाउंडर डॉ. अजय डाटा, अल्फेलियो के फाउंडर श्री चंदन मिस्किन, एटेक ग्रुप के सीईओ श्री दामोदरन अरुण, डलबर्ग के मैनेजिंग पार्टनर श्री जगजीत सरीन, प्राइमस पार्टनर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री समीर जैन, इनफाइनाइटस ई-मार्केटिंग सोल्यूशन्स के फाउंडर श्री सुनील गर्ग, दी असेम्बली के फाउंडर श्री प्रशांत गुलाटी, टीम टाई के श्री महावीर प्रताप शर्मा, जम्पस्टार्ट स्टूडियो की फाउंडर संगीता मूलचंदानी और टाई सिलिकॉन वैली की प्रेजिडेंट अनिता मनवानी सहित विभिन्न कंपनियों के सीईओ और प्रबंध निदेशक शामिल थे। राजस्थान डिजिफेस्ट का यह आयोजन प्रदेश को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक 'ग्लोबल लीडर' बनाने के संकल्प की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होने जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

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