जयपुर: जल संरक्षण की दिशा में राजस्थान का बड़ा कदम, समयबद्ध लक्ष्यों के साथ मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 में आएगी तेजी
जयपुर में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 की प्रगति को लेकर निदेशक श्री मुहम्मद जुनैद ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिला परिषद अधिकारियों को प्रथम चरण के कार्य मार्च 2026 तक और द्वितीय चरण के कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जल संरक्षण की दिशा में राजस्थान सरकार का यह बड़ा कदम प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जयपुर। राजस्थान की मरुधरा पर जल आत्मनिर्भरता के स्वप्न को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजधानी जयपुर के शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की जल सुरक्षा को लेकर दूरगामी निर्णय लिए गए। जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के निदेशक एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव श्री मुहम्मद जुनैद ने वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 की प्रगति का बारीकी से विश्लेषण किया। इस बैठक का मुख्य ध्येय जल संरक्षण के कार्यों में गति लाना और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री मुहम्मद जुनैद ने स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि अभियान के तहत चल रहे समस्त कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी कार्यों को मार्च 2026 से पूर्व हर हाल में संपन्न कर लिया जाए। जल संकट की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने के मूड में नहीं है। द्वितीय चरण की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए निदेशक ने निर्देश दिए कि 31 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत स्वीकृतियां जारी कर दी जाएं और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रभाव से धरातल पर शुरू कर जून 2026 तक पूर्णता की श्रेणी में लाया जाए। इसके साथ ही, भविष्य की रणनीति तैयार करते हुए तृतीय चरण के लिए चयनित ग्रामों में प्री-सर्वे के कार्य को भी अविलंब प्रारंभ करने के आदेश दिए गए।
गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए श्री जुनैद ने जिला एवं राज्य स्तर के सभी अधिकारियों सहित विभिन्न लाइन विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्यों का पूर्ण होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता का उच्च स्तरीय होना भी उतना ही आवश्यक है, जिसके लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य और जिला स्तर के जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। यह अभियान न केवल राजस्थान के भूजल स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्वावलम्बन की एक नई इबारत लिखेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
