जयपुर, 5 जनवरी। राजस्थान में जन-संवाद और जन-सुनवाई के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है, जहाँ सत्ता के गलियारों से लेकर गाँव की चौपालों तक आमजन की आवाज न केवल सुनी जा रही है, बल्कि उस पर बिजली की गति से अमल भी हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'राजस्थान संपर्क पोर्टल' और हेल्पलाइन 181 को नागरिक समस्याओं के समाधान का एक ऐसा अभेद्य किला बना दिया है, जिसने सरकारी तंत्र और जनता के बीच की दूरियों को पाट दिया है। यह पोर्टल अब केवल एक तकनीकी मंच नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के अटूट भरोसे का प्रतीक बन चुका है, जहाँ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ हर शिकायत को उसके तार्किक अंजाम तक पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इस प्रणाली की बारीकियों पर नजर रखते हैं और समय-समय पर कॉल सेंटर पहुँचकर जनता के सीधे संवाद के माध्यम से अधिकारियों को जवाबदेही का पाठ पढ़ा रहे हैं।

इस व्यवस्था की सफलता की गूँज प्रदेश के कोने-कोने में सुनाई दे रही है। हनुमानगढ़ के प्रभुराम के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ, जब महीनों से लंबित उनके जाति प्रमाण पत्र की समस्या का समाधान शिकायत दर्ज होने के मात्र 48 घंटों के भीतर कर दिया गया। इसी प्रकार, कोटा की निवासी श्रीमती शिवानी रजत के जनआधार में आय प्रमाण पत्र अपडेट न होने के कारण रुके हुए कार्यों को तब गति मिली, जब उन्होंने पोर्टल का सहारा लिया और आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने तत्काल प्रभाव से उनकी त्रुटि को सुधारा। यह प्रणाली दस्तावेजी बाधाओं को दूर कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है।

स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे के प्रति सरकार की सजगता का उदाहरण बीकानेर और बारां में देखने को मिला। बीकानेर के श्री गोविंद सिंह की सफाई संबंधी शिकायत पर नगर पालिका ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया, वहीं अंता (बारां) के श्री रवि की कॉलोनी में बहते गंदे पानी की विकट समस्या का समाधान उसी दिन कर दिया गया जिस दिन शिकायत दर्ज हुई थी। केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी इस हेल्पलाइन का प्रभाव स्पष्ट है। भीलवाड़ा के जहाजपुर निवासी किसान श्री श्यामलाल के खेत पर ठप पड़ी बिजली आपूर्ति को अजमेर विद्युत वितरण निगम ने महज दो दिनों में सुचारु कर उनके मुरझाते सपनों को नई संजीवनी प्रदान की।

जल आपूर्ति जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी पोर्टल एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। सलूम्बर के बामनिया निवासी श्री महेश कुमार की पाइपलाइन टूटने की समस्या हो या सवाईमाधोपुर के बोली क्षेत्र के श्री दिनेश कुमार के यहाँ खराब हैंडपंप का मामला, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने राजस्थान संपर्क से मिले निर्देशों के बाद रिकॉर्ड समय में मरम्मत कार्य पूर्ण कर जनता को राहत पहुँचाई। ये तमाम उदाहरण इस बात की पुष्टि करते हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन में प्रशासन अब शिकायतों का इंतजार नहीं करता, बल्कि समाधान के लिए जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। हेल्पलाइन 181 और संपर्क पोर्टल की यह एकीकृत प्रणाली आज राजस्थान में विश्वास और सुशासन की वह मजबूत कड़ी बन चुकी है, जो अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय की मुख्यधारा से जोड़ रही है।

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