जयपुर: राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ ने फूंका चुनावी बिगुल, 12 जनवरी की महारैली के लिए पोस्टर विमोचन के साथ भरी हुंकार
जयपुर में राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ ने 12 जनवरी की चेतावनी महारैली के पोस्टर का विमोचन कर 11 सूत्रीय मांगों पर हुंकार भरी है। प्रदेशाध्यक्ष मोहन सिंह और गोविंद नाटाणी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर 'जयपुर चलो' का संकल्प लिया। जानिए कैसे यह आंदोलन प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला है और कौन-कौन से दिग्गज इसमें शामिल रहे।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी में कर्मचारी हितों की रक्षा और अपनी मांगों को मनवाने के लिए लामबंद हो रहे प्रदेश के कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर आगामी 12 जनवरी, 2026 को आयोजित होने वाली प्रस्तावित 'चेतावनी महारैली' को राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ ने अपना पूर्ण और बिना शर्त समर्थन घोषित कर दिया है। शुक्रवार, 2 जनवरी को जयपुर स्थित आवासन मंडल मुख्यालय पर जोश और उत्साह के बीच "जयपुर चलो-जयपुर चलो" के नारों के साथ इस महारैली के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया गया, जिसने प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि अब समय केवल आश्वासनों का नहीं, बल्कि ठोस कार्यवाही का है। इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद नाटाणी ने महारैली की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि कर्मचारी समाज अपनी 7 संकल्प और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरी तरह अडिग है। पोस्टर विमोचन के दौरान महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेज सिंह राठौड़, सहायक कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह और जयपुर जिला अध्यक्ष महेंद्र तिवाड़ी ने एकजुटता का परिचय देते हुए सरकार को अपनी शक्ति का अहसास कराया।
आवासन मंडल के कर्मचारियों का यह समर्थन महज एक औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि एक व्यापक आंदोलन की आहट है। राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रमेश चंद शर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेशभर के मंडल कर्मचारी इस महारैली में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से आकस्मिक अवकाश (CL) लेंगे। उन्होंने बताया कि मंडल के अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर जयपुर कूच करेंगे, जिससे मंडल का कामकाज पूरी तरह ठप रहने की संभावना है। इस संकल्प को मजबूती देने के लिए खेल सचिव मधुर मलिक, सार्वजनिक निर्माण विभाग के मोहन लाल मीणा और महासंघ के लेखराज वर्मा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी शिरकत की और कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
यह आंदोलन केवल वेतन विसंगतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के मान-सम्मान और उनके 7 संकल्पों की सिद्धि का एक बड़ा मंच बन चुका है। आवासन मंडल के पदाधिकारियों ने प्रदेशभर के साथी कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे इस 'चेतना रैली' का हिस्सा बनकर लोकतंत्र में अपनी आवाज को बुलंद करें। जैसे-जैसे 12 जनवरी की तारीख नजदीक आ रही है, जयपुर में कर्मचारियों का यह जमावड़ा शासन और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करने की तैयारी में है। कर्मचारियों का यह अटूट विश्वास और संगठित शक्ति इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर इस महारैली का गहरा प्रभाव पड़ना निश्चित है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
