जयपुर: डिजिटल इंडिया की ओर रेलवे का बड़ा कदम, अब रेलवन ऐप से टिकट बुकिंग पर मिलेगी सीधे 3 प्रतिशत की छूट
जयपुर: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 14 जनवरी 2026 से रेलवन ऐप द्वारा अनारक्षित टिकट की डिजिटल बुकिंग पर 3% की सीधी छूट मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने बताया कि यह सुविधा 6 महीने के लिए प्रायोगिक तौर पर लागू होगी। अब UPI और कार्ड भुगतान पर भी मिलेगा सस्ता टिकट। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की दिशा में रेलवे का यह एक बड़ा और सराहनीय कदम है।

जयपुर। भारतीय रेलवे ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोत्साहित करने और यात्रियों को लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार सहित देश भर के रेल यात्रियों के लिए अब अनारक्षित टिकट बुक करना न केवल सुविधाजनक होगा, बल्कि जेब के लिए किफायती भी साबित होने वाला है। आगामी 14 जनवरी 2026 से रेलवन ऐप के माध्यम से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों पर सीधे 3 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी। यह विशेष छूट आगामी छह महीनों के लिए प्रायोगिक तौर पर लागू की जा रही है, जिससे साधारण श्रेणी में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों को सीधा लाभ पहुँचेगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेल मंत्रालय का प्राथमिक उद्देश्य रेल यात्रियों के बीच डिजिटल बुकिंग की स्वीकार्यता को बढ़ाना है। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत केवल आर-वॉलेट (R-Wallet) के उपयोग पर ही 3 प्रतिशत का बोनस कैशबैक दिया जाता है। लेकिन नई व्यवस्था के प्रभावी होने के बाद, यदि कोई यात्री यूपीआई, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करता है, तो उसे टिकट की राशि पर तत्काल 3 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह कदम उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा जो आर-वॉलेट को रिचार्ज करने की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं और सीधे अपने बैंक खातों से भुगतान करना पसंद करते हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को बेहद सुव्यवस्थित तरीके से क्रियान्वित किया गया है। श्री शशि किरण के अनुसार, आर-वॉलेट उपयोगकर्ताओं के लिए वर्तमान में जारी 3 प्रतिशत बोनस की सुविधा यथावत बनी रहेगी, जबकि अन्य डिजिटल माध्यमों के लिए छूट का यह नया प्रावधान 14 जनवरी 2026 से लेकर 14 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस छह महीने की परीक्षण अवधि के पूर्ण होने के बाद, सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) इस पूरी प्रक्रिया और इसके प्रभाव की विस्तृत समीक्षा करेगा। समीक्षा के परिणामों और यात्रियों के फीडबैक के आधार पर ही इस छूट को भविष्य में स्थायी रूप से जारी रखने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
रेलवे का यह नवाचार न केवल स्टेशनों पर टिकट खिड़कियों पर लगने वाली भीड़ को कम करेगा, बल्कि पारदर्शिता और त्वरित सेवाओं को भी बढ़ावा देगा। मकर संक्रांति के शुभ अवसर से शुरू होने वाली यह योजना तकनीकी सुगमता और यात्री कल्याण के बीच एक बेहतरीन संतुलन स्थापित करती नजर आ रही है। डिजिटल भुगतान की इस सुदृढ़ व्यवस्था से रेलवे की परिचालन दक्षता में सुधार होगा और आम आदमी को तकनीक के माध्यम से सीधे आर्थिक लाभ पहुँचाने का सरकारी संकल्प भी सिद्ध होगा।

Pratahkal Bureau
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