जयपुर, 22 सितम्बर। पुरोहित जी के कटले में हाल ही हुई अग्नि दुर्घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने अग्निषमन व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नगर निगम के कार्यवाहक आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी ने मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में उपायुक्त (फायर) श्रीमती दुर्गा कुमारी, मुख्य अग्निषमन अधिकारी, सहायक अग्निषमन अधिकारी एवं अन्य अग्निषमन अधिकारियों के साथ बैठक कर अग्निषमन संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में कार्यवाहक आयुक्त डाॅ. गौरव सैनी ने अग्निषमन से जुड़े सभी उपायों और उपकरणों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों ने व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापारियों द्वारा स्वयं पुरोहित जी के कटले में स्पिं्रकलर लगाने पर भी सहमति बनी है।

कार्यवाहक आयुक्त ने सभी अग्निषमन अधिकारियों को जयपुर शहर के प्रतिष्ठानों का सात दिवस में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के दौरान बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाएंगे। इसके साथ ही फायर एनओसी प्राप्त प्रतिष्ठानों का भी सर्वे किया जाएगा, ताकि यह जांच की जा सके कि वहां अग्निषमन मापदंडों की पालना सुचारू रूप से की जा रही है या नहीं।

उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक पुरोहित जी के कटले में फायर फाइटिंग सिस्टम दुरूस्त नहीं किया जाता, तब तक आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए चारदीवारी स्थित हैरिटेज मुख्यालय पर 24x7 फायर बिग्रेड एवं 2 दक्ष कर्मचारी तैनात किए जाएं।

इसके साथ ही घाटगेट फायर स्टेषन से पुरोहित जी के कटले तक हाइड्रंेट लाईन तथा फायर फाइटिंग सिस्टम को तत्काल दुरूस्त करवाने के निर्देश दिए गए हैं। अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम की यह कार्रवाई पुरोहित जी के कटले में फायर फाइटिंग सिस्टम के दुरूस्त होने तक जारी रहेगी।

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