जयपुर के प्रताप नगर में 600 कन्याओं के वंदन महोत्सव के दौरान बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराध, महिलाओं के साथ दुष्कर्म, गिरते लिंगानुपात और भ्रूणहत्या जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ह्यूमन लाइफ फाउंडेशन की ओर से बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान की थीम पर आयोजित इस महोत्सव में कन्याओं के सम्मान के साथ समाज को बालिका संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

फाउंडेशन के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक हेमराज चतुर्वेदी ने बताया कि महोत्सव में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में सिंहवाहन के साथ मंच पर विराजमान नौ कन्याओं के दिव्य स्वरूप के अतिथियों और श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बालिकाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना की। इन प्रस्तुतियों के जरिए बेटियों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों, महिलाओं के साथ होने वाले दुष्कर्म, गिरते लिंगानुपात, नसबंदी के परिणामों और भ्रूणहत्या जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के प्रति समाज को सचेत किया गया।


कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोगों ने 600 कन्याओं को तिलक और अक्षत लगाकर उनका अभिनंदन किया। कन्याओं को भोजन, दक्षिणा और अनेक उपहार भेंट किए गए। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया गया।

महोत्सव में ओसवाल साबुन ग्रुप के निदेशक श्रेणिक जैन और नेहा जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्रेणिक जैन ने अपने संबोधन में कन्यावंदन की पारंपरिक भावना को सामाजिक जागरूकता के संदेश से जोड़ने की ह्यूमन लाइफ फाउंडेशन की मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अब केवल नारा नहीं, बल्कि बालिका एवं महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में नारी और कन्याओं का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं।

विशिष्ट सहयोगी के रूप में घुमक्कड़ी दिल से ग्रुप के संचालक संदीप सहानी ने बेटियों को मां दुर्गा से बुराई के विरुद्ध संघर्ष करने और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों में हर मुसीबत पर विजय प्राप्त करने की भावना विकसित करने की जरूरत है। सपनों को पूरा करने के लिए शिक्षा सबसे सुगम रास्ता है।

हेमराज चतुर्वेदी ने परिवार नियोजन के नाम पर बेटियों के जन्म की संभावना समाप्त करने की प्रवृत्ति को समाज के लिए गंभीर और दूरगामी दुष्परिणाम पैदा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि नसबंदी से घटता लिंगानुपात और भ्रूणहत्या की प्रवृत्ति भविष्य में सामाजिक असंतुलन को और गंभीर बना सकती है। बेटियों को संसार में जन्म लेने देना आज की विशेष जरूरत है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता तरुण टांक ने की। इस अवसर पर सिद्धार्थ गर्ग, आदित्य अग्रवाल, राजेश नहाता और लव किशोर मीना सहित कई गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने इस अनूठी पहल की सराहना की। महोत्सव के माध्यम से कन्याओं के सम्मान के साथ उनकी सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसरों की आवश्यकता पर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया।

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